देश में पटाखों पर बैन लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार ! दिवाली को लेकर कहा- लोगों की भावनाओं का भी रखना होगा ध्यान

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // दिवाली से पहले पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पूरे देश में पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के संकेत नहीं दिए। अदालत ने कहा कि दिवाली लोगों की भावनाओं से जुड़ा त्योहार है, इसलिए पूरे देश में पटाखों पर एक समान पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सवाल पर व्यावहारिक पहलुओं को भी ध्यान में रखना होगा। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पटाखे चलाने के लिए 24 घंटे की अनुमति नहीं दी जा सकती।
पटाखों के समय और प्रकार पर होगा विचार
सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि वह पटाखों के इस्तेमाल के लिए तय समय-सीमा और अनुमत पटाखों के प्रकार पर विचार करेगा। अदालत का रुख पटाखों से जुड़े वायु और ध्वनि प्रदूषण तथा लोगों की त्योहार से जुड़ी भावनाओं के बीच संतुलन बनाने का है।
पटाखों से संबंधित मामलों में सुप्रीम कोर्ट पहले भी प्रतिबंधित रसायनों, ध्वनि स्तर और अनुमत पटाखों के संबंध में विभिन्न निर्देश जारी कर चुका है।
बेरियम और ध्वनि स्तर की जांच पर भी जोर
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) से पटाखों में बेरियम की मात्रा तथा ध्वनि स्तर से संबंधित परीक्षण और अध्ययन को लेकर जानकारी मांगी गई है। अदालत ने संबंधित परीक्षण के लिए अतिरिक्त समय भी दिया है। सितंबर 2026 के एक आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने CSIR-NEERI को प्रस्तावित परीक्षण और अध्ययन के लिए दो सप्ताह का समय दिया था।
अगली सुनवाई में तय हो सकती है दिशा
अदालत अब पटाखों के इस्तेमाल के समय, अनुमत पटाखों और उनसे जुड़े मानकों पर आगे विचार करेगी। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को प्रस्तावित है।
सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेशों में भी यह स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंधित रसायनों वाले पटाखों और निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले पटाखों पर रोक लागू रहेगी।

