अमेरिका जाने की चाहत में निकले गुजरात के तीन लोग इथियोपिया में लापता, अपहरण और एक करोड़ की फिरौती का दावा

अहमदाबाद ( शिखर दर्शन ) // अमेरिका जाने के लिए कथित अवैध रास्ते से निकले गुजरात के एक ही परिवार से जुड़े तीन लोग इथियोपिया में लापता हो गए हैं। परिजनों ने दावा किया है कि तीनों का इथियोपिया में अपहरण कर लिया गया है और उनकी रिहाई के बदले करीब एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। परिवार के अनुसार, फिरौती की रकम का एक हिस्सा दिए जाने के बावजूद तीनों से अब तक संपर्क नहीं हो पाया है।
20 सितंबर को गुजरात से निकले थे तीनों
परिजनों के मुताबिक रुत्विक जंसारी, ममता चावड़ा और मयूरी एजेंट के माध्यम से अमेरिका जाने के लिए 20 सितंबर को गुजरात से रवाना हुए थे। बताया गया है कि तीनों गुजरात से राजस्थान, जयपुर और अबू धाबी होते हुए इथियोपिया पहुंचे थे। इसके करीब चार दिन बाद परिवार का उनसे संपर्क टूट गया।
परिवार ने जब तीनों से संपर्क करने की कोशिश की तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद एक व्यक्ति ने परिवार से संपर्क कर कथित तौर पर तीनों को बंधक बनाए जाने की जानकारी दी और उनकी रिहाई के लिए फिरौती की मांग की।
परिवार ने 60 लाख रुपये दिए, फिर भी संपर्क नहीं
परिजनों का दावा है कि अपहरणकर्ताओं की मांग के बाद करीब 60 लाख रुपये दिए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद तीनों की रिहाई नहीं हुई और परिवार का उनसे संपर्क भी नहीं हो पाया है। अब कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की जा रही है।
लापता लोगों की पहचान मेहसाणा जिले के वडसमा गांव निवासी रुत्विक जंसारी, मेहसाणा की मूल निवासी और वर्तमान में अहमदाबाद में रह रही ममता चावड़ा तथा गांधीनगर निवासी मयूरी के रूप में बताई गई है।
एजेंट के जरिए अमेरिका भेजने की थी तैयारी
परिवार के अनुसार, अमेरिका जाने के लिए तीनों ने एक एजेंट से संपर्क किया था। बताया गया है कि ममता के परिवार को लंबे समय से अमेरिकी वीजा मिलने में परेशानी आ रही थी, जिसके बाद एजेंट के माध्यम से विदेश भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
ममता के पिता ने दावा किया कि तीनों को अमेरिका भेजने के लिए परिवारों ने एजेंट को प्रति व्यक्ति करीब 70 लाख रुपये दिए थे।
सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार
घटना के बाद तीनों के परिवारों ने सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित वापस लाने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और सरकार से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
परिवारों के दावों के आधार पर पुलिस और संबंधित एजेंसियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है।


