26 अप्रैल महाकाल आरती: चतुर्दशी पर महाकाल का रजत श्रृंगार, भस्म आरती में गूंजे जयकारे
उज्जैन (शिखर दर्शन) // वैशाख माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर शनिवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में अलौकिक और भव्य आरती का आयोजन हुआ। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके साथ ही शिवलिंग का विधिवत जलाभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का स्नान पूजन संपन्न हुआ।
भगवान महाकाल को विशेष श्रृंगार में सजाया गया। रजत से बनी शेषनाग की मुकुट, चांदी की मुण्डमाला, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की माला से भगवान का श्रृंगार किया गया। बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई और फूलों, चंदन तथा भांग से अलंकृत किया गया। अंत में फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
सुबह की भस्म आरती में देशभर से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आरती के दौरान श्रद्धालु ‘जय श्री महाकाल’, ‘हर हर महादेव’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयकारों से मंदिर परिसर को गुंजायमान कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं निवेदित कीं और उनसे शीघ्र पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा।
श्री महाकाल की यह दिव्य आरती और अलौकिक श्रृंगार भक्तों के लिए आस्था और भक्ति का अनुपम संगम बना, जिसे घर बैठे भी ऑनलाइन दर्शन के माध्यम से लाखों श्रद्धालुओं ने अनुभव किया।



