महादेव सट्टा ऐप मामले में सौरभ चंद्राकर की दिल्ली कोर्ट में पेशी, CBI ने मांगी ट्रांजिट रिमांड

गिरफ्तारी को बचाव पक्ष ने बताया अवैध, CBI ने नए आदेश के तहत कार्रवाई का दिया हवाला; फर्जी पासपोर्ट भी जब्त
रायपुर/ नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के आरोपी सौरभ चंद्राकर को सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उसे आगे की जांच के लिए ट्रांजिट रिमांड पर सौंपने की मांग की। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने उसकी गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाए, जबकि सीबीआई ने गिरफ्तारी को नए आदेश के तहत की गई कार्रवाई बताया। जांच एजेंसी ने सौरभ का कथित फर्जी पासपोर्ट भी जब्त किया है।
अदालत में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए दलील दी कि भारत सरकार ने ओमान को केवल धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की जानकारी दी थी। ऐसे में सीबीआई ने किस कानूनी आधार पर उसे गिरफ्तार किया?
वहीं, सीबीआई ने बचाव पक्ष की दलील का जवाब देते हुए कहा कि जिस पुराने आदेश का हवाला दिया जा रहा है, वह पूर्व का आदेश है। एजेंसी के मुताबिक, सौरभ की गिरफ्तारी नए आदेश के तहत की गई है, जिसमें किसी विशेष जांच एजेंसी का उल्लेख नहीं है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोपहर 2:30 बजे आगे की सुनवाई निर्धारित की थी। ट्रांजिट रिमांड पर अंतिम आदेश की जानकारी सामने आने पर स्थिति स्पष्ट होगी।
जूस की दुकान से ऑनलाइन सट्टे के बड़े नेटवर्क तक का सफर
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उसके पिता नगर निगम में पंप ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे और सौरभ की खुद की जूस की दुकान थी। बताया जाता है कि उसने अपने साथी रवि उप्पल के साथ सट्टेबाजी का कारोबार शुरू किया। बाद में दोनों ने ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क का विस्तार किया और वर्ष 2019 में सौरभ दुबई चला गया। इसके बाद रवि उप्पल को भी कारोबार में शामिल होने के लिए दुबई बुलाया गया।
मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन सट्टेबाजी का दायरा तेजी से बढ़ा। पारंपरिक रूप से सट्टा खेलने वाले लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में मोबाइल उपयोगकर्ता भी इस नेटवर्क से जुड़ते चले गए। इसी दौरान महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप चर्चा में आया और इसका कारोबार कई क्षेत्रों तक फैल गया।
हवाला के जरिए रकम के लेन-देन का आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में आरोप लगाया गया कि सट्टेबाजी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों तक पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, नए उपयोगकर्ताओं और फ्रेंचाइजी यानी पैनल संचालकों को जोड़ने के लिए विज्ञापन पर भी भारत में नकद राशि खर्च की जाती थी।
ईडी ने अपनी जांच में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल पर संयुक्त अरब अमीरात में बड़ा कारोबारी नेटवर्क खड़ा करने का आरोप लगाया है।
दुबई में शादी पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप
ईडी के अनुसार, फरवरी 2023 में सौरभ चंद्राकर ने संयुक्त अरब अमीरात के रास अल खैमाह (RAK) में भव्य शादी समारोह आयोजित किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस आयोजन पर महादेव ऐप के प्रमोटरों ने करीब 200 करोड़ रुपये नकद खर्च किए।
बताया गया कि परिवार के सदस्यों को नागपुर से संयुक्त अरब अमीरात ले जाने के लिए निजी विमान किराये पर लिए गए थे। शादी के आयोजन के लिए मुंबई से वेडिंग प्लानर, डांसर और डेकोरेशन से जुड़े लोगों को बुलाया गया था।
112 करोड़ रुपये हवाला से देने का दावा
ईडी की ओर से सामने आए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दावा किया गया कि योगेश पोपट की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर-1 इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को हवाला के जरिए करीब 112 करोड़ रुपये दिए गए थे। इसके अलावा होटल बुकिंग के लिए 42 करोड़ रुपये संयुक्त अरब अमीरात की मुद्रा दिरहम (AED) में नकद भुगतान किए जाने की बात भी जांच एजेंसी ने कही थी।
ऐप में हिस्सेदारी का भी दावा
महादेव ऐप के कारोबार में हिस्सेदारी को लेकर सामने आए विवरण के अनुसार, सौरभ चंद्राकर की 50 प्रतिशत, रवि उप्पल की 25 प्रतिशत, शुभम सोनी की 10 प्रतिशत और अनिल अग्रवाल की 15 प्रतिशत हिस्सेदारी बताई गई है। हालांकि, इन हिस्सेदारियों को जांच में सामने आए दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
इस मामले में दर्ज एफआईआर और गिरफ्तारियों को लेकर उपलब्ध विवरण के मुताबिक, अब तक 70 एफआईआर दर्ज होने और 300 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है। महादेव सट्टा ऐप से जुड़े इस पूरे नेटवर्क की जांच विभिन्न एजेंसियां कर रही हैं। सौरभ चंद्राकर की ट्रांजिट रिमांड पर अदालत का फैसला और आगे की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।



