शेयर बाजार में तूफानी तेजी: सेंसेक्स 1,004 अंक उछला, निफ्टी 23,324 के पार; रिलायंस के शेयरों में 6% की छलांग

दूसरी तिमाही के शानदार नतीजों से रिलायंस में जोरदार खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आईटी-बैंकिंग शेयरों की मजबूती से बाजार में लौटी रौनक
मुंबई ( शिखर दर्शन ) // सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 2 नवंबर को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,004 अंक यानी 1.34 प्रतिशत उछलकर 75,463.61 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 में 271 अंकों यानी 1.17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 23,324.15 के पार निकल गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शानदार तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और आईटी सहित कई प्रमुख क्षेत्रों में खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी।
मिडकैप, बैंकिंग और आईटी शेयरों में भी तेजी
बाजार में आई तेजी का असर केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मिडकैप, बैंकिंग और आईटी शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 589.85 अंक यानी 1.02 प्रतिशत चढ़कर 57,891.10 पर पहुंच गया। निफ्टी बैंक 239.35 अंक की बढ़त के साथ 54,926.30 पर कारोबार करता दिखा। वहीं बीएसई बैंकेक्स में 294.80 अंकों की तेजी आई और यह 61,710.05 के स्तर पर पहुंच गया।
आईटी क्षेत्र के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। निफ्टी आईटी इंडेक्स 255.55 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की बढ़त के साथ 32,862.45 पर पहुंच गया। बाजार की व्यापक स्थिति भी सकारात्मक रही। शुरुआती कारोबार के दौरान 16 में से 15 प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई।
रिलायंस के शेयरों में 6 प्रतिशत की उछाल
सोमवार को बाजार की तेजी में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों की अहम भूमिका रही। कंपनी के शेयरों में करीब 6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसकी प्रमुख वजह सितंबर तिमाही के शानदार वित्तीय नतीजे रहे।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दूसरी तिमाही में 29,550 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड समेकित शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 22,092 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें करीब 34 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कंपनी का समेकित राजस्व भी 27.8 प्रतिशत बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स, डिजिटल सेवाओं और खुदरा कारोबार के बेहतर प्रदर्शन ने कंपनी के नतीजों को मजबूती दी। बेहतर परिणामों के बाद निवेशकों ने रिलायंस के शेयरों में जमकर खरीदारी की।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिली राहत
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भी भारतीय शेयर बाजार की धारणा को मजबूत किया। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि पिछले सप्ताह यह 118 डॉलर प्रति बैरल के छह महीने के उच्च स्तर तक पहुंच गई थी।
ईरान और कतर के अधिकारियों के बीच युद्ध समाप्त कराने को लेकर लगातार तीसरे दिन बातचीत जारी रहने से तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं में कुछ कमी आई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट से आयात बिल और महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद रहती है।
डेल्हिवरी, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन ऑयल में भी तेजी
शुरुआती कारोबार में कई अन्य कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी बढ़त देखने को मिली। डेल्हिवरी के शेयर करीब 7.2 प्रतिशत चढ़े। कंपनी ने तिमाही के दौरान मुनाफे में वापसी की है। बैंक ऑफ बड़ौदा के शेयरों में 3.5 प्रतिशत और इंडियन ऑयल के शेयरों में करीब 3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इंडियन ऑयल का मुनाफा भी पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब तीन गुना रहा।
200 से अधिक कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर
सोमवार को बाजार की दिशा तय करने में दूसरी तिमाही के नतीजे भी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। आईटीसी, मैरिको, नाल्को, पेट्रोनेट एलएनजी, यूपीएल, एनएलसी इंडिया, वॉकहार्ट और एस्कॉर्ट्स कुबोटा सहित 200 से अधिक कंपनियों के वित्तीय नतीजों पर निवेशकों की नजर है।
इसके अलावा अक्टूबर महीने की वाहन बिक्री के आंकड़े भी बाजार के लिए अहम रहेंगे। आने वाले कारोबारी सत्रों में कंपनियों के नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक घटनाक्रम शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
नोट: बाजार के आंकड़े उपलब्ध कराए गए समाचार इनपुट के शुरुआती कारोबारी स्तरों पर आधारित हैं।


