छात्राओं से अभद्रता के आरोप में दो शिक्षक निलंबित, तीसरे की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू

रायगढ़ के पीएम श्री स्कूल में 12वीं की छात्राओं ने की थी शिकायत, पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि के बाद शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई
रायगढ़ ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के एक पीएम श्री स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्राओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार और अनुचित आचरण के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। शिकायतों की जांच के बाद दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक व्यावसायिक शिक्षक की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पांच सदस्यीय जांच समिति ने छात्राओं के आरोपों को सही पाए जाने के बाद संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी।
13 अक्टूबर को छात्राओं ने की थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, छात्राओं ने 13 अक्टूबर को स्कूल के शिक्षकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के लिए गठित समिति ने छात्राओं के बयान दर्ज किए और शिकायतों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। जांच पूरी करने के बाद समिति ने 27 अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट सौंप दी।
सहायक शिक्षक और व्याख्याता निलंबित
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 29 अक्टूबर को सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) ठाकुर राम चौहान को निलंबित कर दिया। छात्राओं ने उनके खिलाफ घूरने, बिना वजह करीब आने और बातचीत करने की कोशिश करने की शिकायत की थी। कुछ छात्राओं ने जांच समिति के सामने सीटी बजाने और गाने गुनगुनाने की बात भी कही थी। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बरमकेला निर्धारित किया गया है।
वहीं, व्याख्याता दयासागर चौहान पर छात्राओं के साथ अपमानजनक और अनुचित शब्दों का इस्तेमाल कर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने के आरोप लगे थे। महिला उत्पीड़न एवं लैंगिक सुरक्षा समिति की जांच में शिकायतों की पुष्टि के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने 30 अक्टूबर को उनके निलंबन का आदेश जारी किया।
व्यावसायिक शिक्षक की सेवा समाप्त करने की तैयारी
तीसरे शिक्षक हरीश चंद्राकर के खिलाफ छात्राओं ने अनुचित व्यवहार करने और उनके करीब आने की कोशिश करने की शिकायत की थी। शिकायत में शिक्षक दिवस के दिन शराब के नशे में स्कूल पहुंचने और दुर्व्यवहार करने का आरोप भी शामिल था।
जांच समिति की रिपोर्ट और छात्राओं के बयानों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 30 अक्टूबर को संबंधित शिक्षक की नियुक्तकर्ता कंपनी को पत्र जारी किया है। कंपनी को आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने तथा शिक्षक को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के बाद नियमानुसार सेवा समाप्ति की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीईओ ने कहा- छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
जिला शिक्षा अधिकारी एलएन पटेल ने बताया कि छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई थी। शिकायतें सही पाए जाने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में विभाग त्वरित और सख्त कार्रवाई करेगा।



