बंगाल की खाड़ी में एक सप्ताह के भीतर दूसरा चक्रवात, ‘मुरासु’ से आंध्र प्रदेश पर खतरा; ओडिशा में अलर्ट

3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका, 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा है। यहां बना गहरे दबाव का क्षेत्र चक्रवात ‘मुरासु’ में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, यह तूफान 2 नवंबर की देर रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच आंध्र प्रदेश के दक्षिणी तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।
एक सप्ताह के भीतर बंगाल की खाड़ी में यह दूसरा चक्रवाती तूफान है। इसके संभावित प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। तूफान के साथ भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है।
एक सप्ताह में दूसरा चक्रवात, तटीय इलाकों में बढ़ी चिंता
इससे पहले बंगाल की खाड़ी में चक्रवात ‘अर्नब’ सक्रिय हुआ था, जिसने 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी थी। उसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई थी। अब ‘मुरासु’ के आने की आशंका ने तटीय राज्यों की चिंता बढ़ा दी है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, ‘मुरासु’ के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों और रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। कुछ जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।
ओडिशा में हाई अलर्ट, निचले इलाकों से लोगों को हटाने की तैयारी
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से ओडिशा के गंजाम और गजपति जिलों में भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी थी। राज्य सरकार ने नए तूफान की आशंका को देखते हुए दक्षिणी ओडिशा में हाई अलर्ट जारी किया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने निचले और संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन को राहत एवं बचाव की तैयारियां रखने, संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। मौसम विभाग ने ओडिशा के दक्षिणी हिस्सों में 3 और 4 नवंबर को बारिश की चेतावनी दी है। The New Indian Express+1
छत्तीसगढ़ में भी बारिश की संभावना
चक्रवात के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में 3 और 4 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में प्रदेश के लोगों को मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समुद्र में न जाएं, तटीय और निचले इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचें तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। चक्रवात की दिशा और तीव्रता पर लगातार नजर रखी जा रही है।



