राज्य स्थापना दिवस पर पीएम मोदी का छत्तीसगढ़ के नाम संदेश, बस्तर में बदलाव को बताया गर्व की बात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री ने याद किया पुराना जुड़ाव; सरगुजा से बस्तर तक की जनजातीय परंपराओं, लोक संस्कृति और लोगों के अपनत्व का किया उल्लेख
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर प्रदेश के प्रति अपने पुराने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और प्राकृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन के दिनों से ही उनका इस प्रदेश से विशेष लगाव रहा है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में बस्तर में हो रहे बदलावों की भी चर्चा की और माओवाद से प्रभावित रहे इस क्षेत्र के बदलते हालात पर प्रसन्नता व्यक्त की।
सरगुजा से बस्तर तक की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में लिखा कि उन्होंने सरगुजा से लेकर बस्तर तक छत्तीसगढ़ की विविधतापूर्ण संस्कृति को करीब से जाना और समझा है। प्रदेश की जनजातीय परंपराएं, लोक संस्कृति और यहां के लोगों का अपनापन इसकी विशिष्ट पहचान हैं।
उन्होंने संगठन के दिनों के अनुभवों को याद करते हुए छत्तीसगढ़ के लोगों और यहां की सांस्कृतिक विरासत के प्रति अपने विशेष लगाव का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री के संदेश में प्रदेश की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि के प्रति उनका जुड़ाव प्रमुखता से सामने आया।
बस्तर में बदलते हालात पर जताई प्रसन्नता
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में बस्तर का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कभी माओवाद से प्रभावित रहा बस्तर अब बदलाव की राह पर आगे बढ़ रहा है और यह गर्व का विषय है। क्षेत्र में बदलती परिस्थितियों और विकास की दिशा में हो रही प्रगति को उन्होंने सकारात्मक बदलाव के रूप में रेखांकित किया।
राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री को लिखे इस पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, अपने पुराने अनुभवों और बस्तर में आ रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए प्रदेश के प्रति अपना जुड़ाव व्यक्त किया।



