देवास मे TI हत्याकांड: कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल का बड़ा खुलासा, शराब दुकान में 30% हिस्सेदारी; 3 अन्य भी पार्टनर

बसों के कारोबार के साथ वाइन शॉप का भी संभालते हैं प्रबंधन, पूछताछ में बताई पार्टनरशिप की पूरी जानकारी; शराब दुकान से ट्रक में शराब लोड किए जाने के मामले में सामने आया अहम बयान
देवास ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश के देवास में हुए बहुचर्चित जहरीली शराब कांड की जांच के बीच शराब दुकान की पार्टनरशिप को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। दुकान का प्रबंधन देखने वाले कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि संबंधित वाइन शॉप में उनकी 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने दुकान के अन्य तीन साझेदारों के नाम और उनकी हिस्सेदारी का ब्योरा भी बताया है। इस खुलासे के बाद मामले में कारोबारी और राजनीतिक संबंधों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
टिमरनी के रहने वाले हैं राहुल जायसवाल
राहुल जायसवाल ने अपने परिचय के दौरान बताया कि वह मूल रूप से हरदा जिले के टिमरनी के निवासी हैं। वर्तमान में वह खातेगांव विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस पार्टी के प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इससे पहले वर्ष 2018 से 2024-25 तक जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ वह परिवहन और शराब कारोबार से भी जुड़े हुए हैं।
बसों के कारोबार के साथ वाइन शॉप में भी हिस्सेदारी
अपने व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए राहुल जायसवाल ने बताया कि उनका मुख्य व्यवसाय बसों का संचालन है। इसके अलावा वह उस वाइन शॉप का प्रबंधन भी देखते हैं, जहां से जहरीली शराब कांड से जुड़े मामले में ट्रक में शराब लोड किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकान में उनकी व्यक्तिगत रूप से 30 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।
इंदौर और अहमदाबाद के साझेदारों के नाम भी बताए
राहुल जायसवाल ने दुकान की पार्टनरशिप का पूरा ब्योरा देते हुए बताया कि इस कारोबार में उनके अलावा तीन अन्य साझेदार भी शामिल हैं। इनमें इंदौर निवासी मनीष जायसवाल, अहमदाबाद निवासी मोहित जायसवाल और पाटन जायसवाल के नाम शामिल हैं।
उनके बयान के अनुसार, हिस्सेदारी का गणित इस प्रकार है:
- राहुल जायसवाल: 30 प्रतिशत
- मनीष जायसवाल: 30 प्रतिशत
- मोहित जायसवाल: 30 प्रतिशत
- पाटन जायसवाल: 10 प्रतिशत
इस तरह दुकान में चार लोगों की साझेदारी है। राहुल जायसवाल के बयान से शराब दुकान के स्वामित्व और प्रबंधन से जुड़े पहलुओं पर नई जानकारी सामने आई है।
जहरीली शराब कांड की जांच में अहम हो सकता है खुलासा
देवास के जहरीली शराब कांड में संबंधित शराब दुकान से ट्रक में शराब लोड किए जाने की भूमिका पहले से जांच के दायरे में है। ऐसे में दुकान के प्रबंधन, वास्तविक साझेदारों, शराब की आपूर्ति और परिवहन से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो जाती है। राहुल जायसवाल द्वारा अपनी हिस्सेदारी और अन्य साझेदारों के नाम बताए जाने के बाद जांच एजेंसियों के लिए इन सभी पहलुओं की पड़ताल अहम होगी।
हालांकि, दुकान में हिस्सेदारी होना अपने आप में किसी व्यक्ति की जहरीली शराब कांड में आपराधिक संलिप्तता साबित नहीं करता। इस मामले में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका और जिम्मेदारी का निर्धारण जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।



