अवैध शराब और खनन के कारोबार पर कार्रवाई करने गए अफसरों की जान पर खतरा, मध्यप्रदेश में कई अधिकारियों-कर्मचारियों की हो चुकी मौत

खातेगांव में ट्रक की चपेट में आने से टीआई दिलीप पुरी की मौत के बाद फिर चर्चा में आया अवैध कारोबार का नेटवर्क, पहले भी कार्रवाई के दौरान जान गंवा चुके हैं पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश में अवैध शराब और खनन के कारोबार पर अंकुश लगाने की कोशिशों के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की जान जाने के कई मामले सामने आ चुके हैं। ताजा घटना देवास जिले के खातेगांव की है, जहां अवैध शराब तस्करी की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम के थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर अवैध कारोबार पर कार्रवाई करने वाले सरकारी अमले की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, बीती रात करीब 1 से 2 बजे के बीच हरदा-नेमावर हाईवे पर ट्रक क्रमांक MP 43 H 4786 एक ढाबे पर पानी पीने के लिए रुका था। अवैध शराब तस्करी की सूचना मिलने पर खातेगांव टीआई दिलीप पुरी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान चेकिंग के दौरान ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आईं और काफी खून बह गया। पुलिसकर्मी उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां करीब दो घंटे तक उपचार और सीपीआर देने के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक और हड़कंप का माहौल है।
पहले भी अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई में गईं जानें
खातेगांव की घटना कोई अकेला मामला नहीं है। मध्यप्रदेश में अवैध खनन और परिवहन पर कार्रवाई के दौरान पुलिस, वन और राजस्व विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी अपनी जान गंवा चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऐसे कुछ प्रमुख मामले इस प्रकार हैं—
- 2012 – नरेंद्र कुमार सिंह (आईपीएस), मुरैना: अवैध पत्थर से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मौत।
- 2015 – धर्मेंद्र चौहान (आरक्षक), मुरैना: अवैध रेत से भरे डंपर के नीचे दबने से मौत।
- 2016 – नरेंद्र शर्मा (वनरक्षक), ग्वालियर: अवैध रेत से जुड़ी कार्रवाई के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से मौत।
- 2018 – सूबेदार सिंह कुशवाह (डिप्टी रेंजर), मुरैना: रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मौत।
- 2023 – प्रसन्न सिंह बघेल (पटवारी), शहडोल: अवैध रेत परिवहन रोकने के दौरान ट्रैक्टर से कुचलकर मौत।
- 2024 – महेंद्र बागरी (एएसआई), शहडोल: अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मौत।
कार्रवाई करने वाले अमले की सुरक्षा पर सवाल
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं अवैध शराब और खनन के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाती हैं। रात के समय चेकिंग, अवैध परिवहन रोकने और संदिग्ध वाहनों की जांच के दौरान सरकारी अमले को गंभीर जोखिम का सामना करना पड़ता है।
खातेगांव में टीआई दिलीप पुरी की मौत के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए मैदान में उतरने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा और संसाधन मिल रहे हैं या नहीं। ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और संवेदनशील इलाकों में प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है।



