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‘ज्ञानेश छिप रहे हैं, मोदी-शाह का कोई कवच नहीं बचा पाएगा’, राहुल गांधी का तीखा हमला

खड़गे के आवास पर INDIA गठबंधन का प्रतीकात्मक ‘जनमहाभियोग’, 21 विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगाए छह आरोप; इस्तीफे की मांग दोहराई

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन ने शनिवार को राजधानी दिल्ली में प्रतीकात्मक ‘जनमहाभियोग’ की कार्यवाही आयोजित की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुए इस कार्यक्रम में करीब 21 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कार्यवाही की अध्यक्षता की, जबकि खड़गे ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। कार्यक्रम के समापन पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार जिस संस्था के पीछे छिप रहे हैं, उन्हें उसी संस्था की रक्षा करनी चाहिए थी। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कोई भी कवच उन्हें बचा नहीं पाएगा।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान करीब 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा और बड़ी संख्या में पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से जाना होगा। उनके मुताबिक, विपक्ष के सामने संवैधानिक संस्थाओं के माध्यम से अपनी शिकायतों को उठाने के रास्ते सीमित हो गए हैं। उन्होंने इस पूरे विवाद को संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया। राहुल ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष उनसे भी राजनीतिक रूप से मुकाबला करेगा, लेकिन फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त उसकी जवाबदेही के केंद्र में हैं।

खड़गे ने पेश किया छह आरोपों वाला प्रस्ताव

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के 193 सांसदों ने करीब सात महीने पहले मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव संबंधी नोटिस दिए थे, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया।

खड़गे की ओर से पेश प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ छह प्रमुख आरोप लगाए गए। इनमें चुनावों को प्रभावित करने की कथित साजिश, एसआईआर के दौरान लगभग 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने, संसद की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव, ईसीआईनेट के माध्यम से मतदाता सूचियों पर नियंत्रण, अन्य दो निर्वाचन आयुक्तों को निर्णय प्रक्रिया से अलग रखने और केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर काम करने के आरोप शामिल हैं।

खड़गे ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता और संवैधानिक गरिमा बनाए रखने के लिए है। उन्होंने महिलाओं, युवाओं और कमजोर वर्गों के मताधिकार को लेकर भी चिंता जताई।

एसआईआर और मतदाता सूची पर उठाए सवाल

INDIA गठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में कथित बदलाव और ईसीआईनेट के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप है कि इन प्रक्रियाओं के जरिए मतदाता सूची में ऐसे बदलाव किए गए, जिनका असर चुनावी प्रक्रिया पर पड़ सकता है। गठबंधन ने निर्वाचन आयोग से इन आरोपों पर जवाब देने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।

बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों पर किया पलटवार

विपक्ष के कार्यक्रम के बीच भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस के ‘वोट चोरी’ संबंधी आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल के बीच प्रधानमंत्री पद को लेकर हुए ऐतिहासिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। इस तरह मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर शुरू हुआ विवाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।

प्रतीकात्मक कार्यवाही, कानूनी महाभियोग नहीं

गौरतलब है कि विपक्ष की ओर से आयोजित यह ‘जनमहाभियोग’ संसद के भीतर होने वाली किसी औपचारिक संवैधानिक महाभियोग प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। यह एक प्रतीकात्मक सार्वजनिक कार्यक्रम था, जिसके माध्यम से विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपने आरोप और पद से हटाने की मांग रखी। मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की वास्तविक प्रक्रिया संविधान और संबंधित कानूनों के तहत निर्धारित है।

यह आयोजन एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित INDIA गठबंधन की रैली से पहले हुआ। विपक्ष इस कार्यक्रम के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। विपक्ष के आरोपों पर निर्वाचन आयोग का पक्ष और उपलब्ध आधिकारिक आंकड़े इस विवाद के तथ्यात्मक आकलन के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

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