मध्यप्रदेश स्थापना दिवस पर सजेगी उन्नत खेती की झांकी, 165 किसानों को मिलेंगे ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटर

लाल परेड मैदान में कृषि नवाचारों और सरकारी योजनाओं की प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे शुभारंभ, दो दिवसीय संगोष्ठी में किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में इस बार कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों, नवाचारों और किसानों के विकास की झलक विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। भोपाल के लाल परेड मैदान में कृषि एवं उससे जुड़े विभागों की ओर से लगभग 200 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। यहां उन्नत खेती की तकनीकों, आधुनिक कृषि यंत्रों, सरकारी योजनाओं और प्रदेश की कृषि विकास यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रदर्शनी में उन्नत बीज, जैविक एवं प्राकृतिक खेती की पद्धतियां, आधुनिक कृषि उपकरण, स्मार्ट सिंचाई तकनीक, कृषि आधारित नवाचार और एग्री स्टार्टअप से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही उन्नत कृषि यंत्रों, सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों और समन्वित फसल पद्धति का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया जाएगा।
2 और 3 नवंबर को किसानों के लिए प्रशिक्षण एवं संगोष्ठी
स्थापना दिवस समारोह के अंतर्गत 2 और 3 नवंबर को कृषक भ्रमण, प्रशिक्षण तथा संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न विभागों के प्रशिक्षक और कृषि वैज्ञानिक किसानों को आधुनिक तकनीकों तथा खेती से जुड़े विषयों की जानकारी देंगे।
पशुपालन विभाग की ओर से उन्नत नस्ल के पशुओं का प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं उद्यानिकी विभाग के स्टॉल पर फल, फूल और सब्जियों की विभिन्न किस्मों के साथ भौगोलिक संकेतक (जीआई) प्राप्त उत्पाद प्रदर्शित होंगे। किसान बाजार और महिला उद्यमिता मंडप में प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प और महिला उद्यमियों की वस्तुएं बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगी।
165 किसानों को मिलेंगे आकर्षक पुरस्कार
किसान वर्ष 2026 के समापन चरण में आयोजित इस कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियों में 165 किसानों को पुरस्कार प्रदान करना भी शामिल है। प्रदेश स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता 29 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आयोजित की गई थी। इसमें लगभग 40 हजार किसानों ने भाग लिया। मेरिट सूची के आधार पर लॉटरी के माध्यम से प्रदेश के 55 जिलों से 165 विजेताओं का चयन किया गया।
प्रत्येक जिले के तीन किसानों को अलग-अलग पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम पुरस्कार के रूप में 55 किसानों को ट्रैक्टर, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 55 किसानों को बुलेट मोटरसाइकिल और तृतीय पुरस्कार के रूप में 55 किसानों को ई-स्कूटर प्रदान किए जाएंगे। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विजेताओं को सम्मानित करेंगे, जबकि अन्य जिलों में प्रभारी मंत्रियों के माध्यम से पुरस्कार वितरित किए जाएंगे।
इस पहल का उद्देश्य किसानों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक करना, कृषि संबंधी जानकारी का प्रसार करना और किसान कल्याण को जनभागीदारी से जोड़ना है।
कृषि विकास से लेकर पशुपालन तक पर होगी चर्चा
कृषि संगोष्ठी में मध्यप्रदेश में कृषि विकास, आधुनिक कृषि यंत्रीकरण, नरवाई प्रबंधन, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे विषयों पर विशेषज्ञ विचार रखेंगे। इसके अलावा कृषि क्षेत्र में सहकारिता और बैंकों की भूमिका, पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन तथा मत्स्यपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
देशज व्यंजनों से परिचित होंगे आगंतुक
प्रदर्शनी परिसर में ‘स्वाद देशज व्यंजन मेला’ भी लगाया जाएगा। इसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक खानपान और स्थानीय व्यंजनों का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। श्रीअन्न से तैयार पौष्टिक व्यंजन भी यहां आकर्षण का हिस्सा होंगे।
गौरतलब है कि किसान वर्ष 2026 के दौरान किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में किसान रथ यात्राओं, कृषि मेलों और संगोष्ठियों के माध्यम से किसानों से संवाद किया। बलराम कृषि महोत्सव के तहत ग्राम स्तर तक पहुंच बनाई गई और तकनीकी जानकारी तथा हितग्राही योजनाओं से किसानों को जोड़ने के प्रयास किए गए। स्थापना दिवस की यह प्रदर्शनी इन्हीं गतिविधियों, कृषि नवाचारों और प्रदेश की स्थानीय उद्यमिता को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी।



