20 दिन से पटवारियों की हड़ताल जारी, जिलाध्यक्ष के निलंबन के बाद भी नहीं बदला रुख; 175 को नोटिस

13 अक्टूबर से चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन, 201 पटवारियों में से 175 हड़ताल पर; धान खरीदी से पहले फसल गिरदावरी और राजस्व कार्य प्रभावित होने की आशंका
कोरबा ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ में राजस्व पटवारी संघ का प्रदेशव्यापी आंदोलन लगातार जारी है। कोरबा जिले में सोमवार, 2 नवंबर को हड़ताल के 20वें दिन भी 175 पटवारी घंटाघर चौक स्थित धरना स्थल पर डटे रहे। इस बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संघ के जिलाध्यक्ष मिथलेश कुमार वर्मा को निलंबित कर दिया है। वहीं, हड़ताल में शामिल सभी 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, निलंबन और नोटिस की कार्रवाई के बावजूद पटवारियों ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। संघ ने स्पष्ट किया है कि चार सूत्रीय मांगों पर समाधान होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
20 दिन से ठप कामकाज, धान खरीदी की तैयारियों पर भी असर की आशंका
राजस्व पटवारी संघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर पटवारी 13 अक्टूबर से चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसके चलते जिले में राजस्व से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम प्रभावित हो रहे हैं। जमीन संबंधी प्रकरणों के निराकरण, राजस्व अभिलेखों में सुधार और फसल गिरदावरी जैसे कार्यों पर इसका असर पड़ रहा है।
सबसे बड़ी चिंता आगामी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों को लेकर है। 15 नवंबर से प्रस्तावित धान खरीदी से पहले किसानों के रकबे और फसल संबंधी विवरण का अद्यतन होना जरूरी है। ऐसे में पटवारियों की अनुपस्थिति से गिरदावरी और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में देरी होने की आशंका बढ़ गई है।
जिलाध्यक्ष मिथलेश कुमार वर्मा निलंबित, 175 पटवारियों को नोटिस
हड़ताल के बीच प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए राजस्व पटवारी संघ के कोरबा जिलाध्यक्ष मिथलेश कुमार वर्मा को रविवार को निलंबित कर दिया। प्रशासन के अनुसार, शासकीय दायित्वों के प्रति लापरवाही और उदासीनता को लेकर जारी कारण बताओ नोटिस का समय पर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने तथा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत कार्य व्यवहार पाए जाने के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा जिले के 254 पटवारी हल्कों में पदस्थ 201 पटवारियों में से हड़ताल पर गए 175 पटवारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सोमवार को कार्यालयीन समय समाप्त होने तक किसी भी हड़ताली पटवारी के काम पर लौटने की सूचना प्रशासन को नहीं मिली।
संघ बोला- कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा
राजस्व पटवारी संघ के जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान ने कहा कि पटवारी अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन कर रहे हैं। पटवारी शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों तक जमीनी स्तर पर जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने के बजाय निलंबन, स्थानांतरण और कारण बताओ नोटिस जैसी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष का निलंबन केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे पटवारी संवर्ग की एकजुटता को प्रभावित करने का प्रयास है। संघ ऐसी कार्रवाई से पीछे हटने वाला नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि प्रशासन जितनी सख्त कार्रवाई करेगा, पटवारी उतनी ही मजबूती से अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
धान खरीदी से पहले गिरदावरी को लेकर बढ़ी चिंता
पटवारी संघ ने धान खरीदी की तैयारियों के बीच गिरदावरी कार्य प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया है। जिला प्रवक्ता ओमप्रकाश प्रधान के मुताबिक, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से पहले किसानों के रकबे और फसल का सही विवरण दर्ज होना बेहद जरूरी है। इस प्रक्रिया में पटवारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं और पटवारियों की मांगों का समाधान करने के बजाय प्रशासनिक कार्रवाई कर रही है। हालांकि, हड़ताल के कारण धान खरीदी की तैयारियों पर कितना वास्तविक असर पड़ेगा, यह आगामी दिनों में गिरदावरी कार्य और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की स्थिति से स्पष्ट होगा।
ये हैं पटवारियों की चार सूत्रीय मांगें
राजस्व पटवारी संघ अपनी जिन चार प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है, उनमें शामिल हैं:
- पटवारी संवर्ग से राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की जाए।
- वर्ष 2017 में रोड-पे संशोधन के फलस्वरूप उत्पन्न वेतन विसंगति का निराकरण किया जाए।
- पीवी ऐप के स्थान पर डीसीएस के माध्यम से शुद्ध एवं त्रुटिरहित फसल गिरदावरी कराई जाए।
- आंदोलन की पृष्ठभूमि में की गई निलंबन, स्थानांतरण और कारण बताओ नोटिस संबंधी कार्रवाइयों को निरस्त किया जाए।
प्रशासन ने कहा- 175 को नोटिस, एक पटवारी निलंबित
पूरे मामले में अधीक्षक भू-अभिलेख कोरबा अमित झा ने बताया कि जिले में एक पटवारी को निलंबित किया गया है, जबकि हड़ताल में शामिल 175 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। सोमवार को कार्यालयीन समय समाप्त होने तक किसी भी पटवारी के उपस्थित होकर कार्यस्थल पर लौटने की सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों के राजस्व कार्यों पर टिकी निगाहें
फिलहाल कोरबा जिले में प्रशासन और पटवारी संघ के बीच गतिरोध बना हुआ है। एक तरफ प्रशासन कार्रवाई के जरिए राजस्व कामकाज सामान्य करने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पटवारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इस टकराव के बीच जमीन संबंधी काम कराने वाले आम नागरिकों और आगामी धान खरीदी की तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ रही है। अब देखना होगा कि शासन और पटवारी संघ के बीच बातचीत से कोई समाधान निकलता है या आंदोलन आगे भी जारी रहता है।



