आंध्र तट की ओर तेजी से बढ़ रहा चक्रवात मुरासु, 110 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

चेन्नई से 260 किलोमीटर दूर तूफान, ओंगोल के पास तट पार करने की आशंका; आठ राज्यों में बारिश का अलर्ट, चेन्नई के स्कूल बंद
चेन्नई ( शिखर दर्शन ) // बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा यह तूफान फिलहाल चेन्नई से लगभग 260 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इसके 2 नवंबर की रात से 3 नवंबर की तड़के के बीच ओंगोल के आसपास आंध्र प्रदेश के तट तक पहुंचने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि तेज झोंकों में यह 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
एक सप्ताह में बंगाल की खाड़ी में दूसरा चक्रवात
बंगाल की खाड़ी में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा चक्रवाती तूफान है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। उसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में बारिश हुई थी। अब मुरासु के कारण एक बार फिर पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, मुरासु उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच ओंगोल के आसपास पहुंच सकता है। इसके बाद नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना जताई गई है।
चेन्नई के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए चेन्नई के सभी स्कूलों में सोमवार, 2 नवंबर को अवकाश घोषित किया गया है। आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों और रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा भी हो सकती है। उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश का अनुमान है।
आठ राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात का प्रभाव छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित आठ राज्यों में दिखाई दे सकता है। ओडिशा में 2 और 3 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मध्य प्रदेश में 5 नवंबर तक आंधी और बारिश का दौर बने रहने की संभावना है।
चक्रवात के तट के करीब पहुंचने के साथ आंध्र प्रदेश और ओडिशा के समुद्र तटीय इलाकों में मौसम अधिक प्रतिकूल हो सकता है। तेज हवाओं और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की जरूरत है।



