दिल्ली में 200 प्रदर्शनकारी हिरासत में, CJP का ऐलान—नेताओं के बिना भी देशभर में जारी रहेगा आंदोलन
जंतर-मंतर मार्च से पहले पुलिस की कार्रवाई तेज, पिनराई विजयन को भी हिरासत में लिए जाने की खबर; अप्सरा बॉर्डर पर जाम से लोग परेशान

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। प्रदर्शन स्थल की ओर बढ़ रहे करीब 200 लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है। CJP के प्रमुख अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को भी दिल्ली पहुंचने पर विमान के अंदर से हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। इस बीच, पार्टी ने साफ किया है कि उसके नेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद देशभर में आंदोलन जारी रहेगा।
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) //
विमान के अंदर से CJP नेताओं को हिरासत में लेने का दावा
CJP के मुताबिक, अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे। विमान के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के बाद पुलिस अधिकारी विमान के अंदर पहुंचे और तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया।
पार्टी की ओर से साझा किए गए वीडियो में अभिजीत दीपके को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि वे गिरफ्तारी देने के लिए ही दिल्ली आए हैं। CJP नेताओं का इरादा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
करीब 200 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की खबर
सूत्रों के मुताबिक, कनॉट प्लेस क्षेत्र से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे करीब 200 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है और आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है।
CJP ने यह दावा भी किया कि यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से और पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह को हिरासत में लिया गया। इन दोनों मामलों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हो सकी है।
पिनराई विजयन को भी हिरासत में लिए जाने की खबर
रिपोर्टों के मुताबिक, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को शनिवार सुबह दिल्ली में केरल हाउस के पास जंतर-मंतर रोड से हिरासत में लिया गया। सूत्रों के हवाले से उन्हें छत्रसाल स्टेडियम परिसर ले जाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इस घटनाक्रम से जुड़ी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
अप्सरा बॉर्डर पर जाम, पैदल जाने को मजबूर हुए लोग
प्रदर्शन से पहले दिल्ली की सीमाओं पर जांच बढ़ाए जाने के कारण अप्सरा बॉर्डर पर लंबा ट्रैफिक जाम लगने की खबर है। वाहनों की चेकिंग और व्यावसायिक गाड़ियों की आवाजाही पर पाबंदियों के चलते यातायात प्रभावित हुआ।
जाम में फंसे कई लोगों को अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल आगे बढ़ना पड़ा। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि वह करीब एक किलोमीटर पैदल चल चुका है और बस नहीं मिलने के कारण उसे पैदल ही नई दिल्ली की ओर जाना पड़ रहा है।
नेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन जारी रखने का ऐलान
CJP ने अपने नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद भी प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि आंदोलन किसी एक नेता पर निर्भर नहीं है और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में विरोध जारी रहेगा।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने विमान के अंदर रिकॉर्ड किए गए वीडियो संदेश में मौजूदा हालात की तुलना आपातकाल के दौर से करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं, पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने आरोप लगाया कि बल प्रयोग के जरिए संवैधानिक आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है। ये पार्टी की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
बंगला साहिब गुरुद्वारे में पहुंचे प्रदर्शनकारी
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के पुलिस से बचते हुए बंगला साहिब गुरुद्वारे में प्रवेश करने की खबर भी सामने आई है। बताया गया कि पुलिस उनके पीछे थी और इसी दौरान वे गुरुद्वारे के अंदर चले गए। इस घटना के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर विवाद
इस आंदोलन का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है। इसी आधार पर वे चुनाव आयोग से जवाबदेही तय करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग और केंद्र सरकार ने मतदाता सूची में हेरफेर के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को दुरुस्त करना तथा डुप्लिकेट और अपात्र प्रविष्टियों की पहचान करना है।
संपादकीय सावधानी: इस खबर में हिरासत, पिनराई विजयन की गिरफ्तारी, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और सीमाओं पर प्रतिबंध जैसे कई अलग-अलग दावे शामिल हैं। प्रकाशन से पहले इनकी आधिकारिक पुष्टि कर लें, विशेषकर पिनराई विजयन से संबंधित खबर और हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या की।



