उड़ान के जुनून से कट्टरपंथ के आरोपों तक पहुंचा फ्लाईदुबई का को-पायलट, कॉकपिट हमले के पीछे की कहानी खंगाल रहीं एजेंसियां
एविएशन को लेकर कभी जताया था जुनून, बाद में चरमपंथी वेबसाइटों से जुड़ने के आरोप; विमान क्रैश करने की मंशा की भी जांच

दुबई ( शिखर दर्शन ) // फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में कॉकपिट के भीतर हुई कथित हिंसक घटना ने को-पायलट हमाम अल-हम्मामी की पृष्ठभूमि और उसकी विचारधारा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में उस पर अपने कप्तान पर विमान में मौजूद कुल्हाड़ी से हमला करने की कोशिश का आरोप है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि एविएशन के प्रति जुनून रखने वाले हमाम की सोच में बदलाव कैसे आया और क्या उसके पीछे किसी कट्टरपंथी नेटवर्क की भूमिका थी।
कभी विमान उड़ाने को बताया था अपना जुनून
जून 2022 में हमाम ने अरबी भाषा में सोशल मीडिया पर एविएशन के प्रति अपना उत्साह जाहिर किया था। उसने उड़ान और फ्लाइट ट्रेनिंग को ऐसा अनुभव बताया था जिसमें रोजमर्रा की जिंदगी जैसा कुछ नहीं होता। अपनी पहली सोलो फ्लाइट और यात्रियों के साथ पहली बार विमान उतारने के अनुभव को भी उसने यादगार बताया था।
चरमपंथी वेबसाइटों से जुड़ने का आरोप
जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, हमाम के एविएशन करियर के शुरुआती दौर में ओमान एयर ने उसे उड़ान भरने से रोक दिया था। अधिकारियों को कथित तौर पर उसके चरमपंथी वेबसाइटों को देखने की जानकारी मिली थी।
इसके बाद उसे कथित तौर पर डी-रेडिकलाइजेशन कार्यक्रम से गुजरना पड़ा और उड़ान की जगह डेस्क जॉब दी गई। बाद में उसने UAE में नौकरी हासिल की और फ्लाईदुबई में को-पायलट के तौर पर काम करने लगा। जांच एजेंसियां अब यह भी खंगाल रही हैं कि उसे दुबई-तेल अवीव जैसे संवेदनशील मार्ग पर उड़ान की जिम्मेदारी कैसे मिली।
विमान को क्रैश कराने की मंशा की जांच
UAE के अटॉर्नी जनरल के अनुसार, मामले में आतंकवादी घटना को अंजाम देने की कोशिश के एंगल से जांच की जा रही है। एक सऊदी अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि पूछताछ के दौरान हमाम ने कथित तौर पर विमान को जानबूझकर क्रैश करने की इच्छा जताई थी और उसे मौत का डर नहीं था।
सऊदी अरब, UAE और इजरायल की एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या उसके किसी बाहरी संगठन या व्यक्ति से संपर्क थे।
सीरिया में बीता बचपन, UAE में हुई पढ़ाई
हमाम के पिता के ओमानी और मां के सीरियाई होने की जानकारी सामने आई है। उसका बचपन सीरिया के गृहयुद्ध के दौर में बीता। बाद में उसने UAE में पढ़ाई की और एविएशन क्षेत्र में करियर बनाया।
रिपोर्टों के अनुसार, ओमान एयर में उड़ान से रोके जाने के बाद उसने 2025 में मोरक्को की एयरलाइन रॉयल एयर मारोक में नौकरी पाने की कोशिश भी की थी।
अल-कायदा से जुड़े प्रचार माध्यम ने घटना को सराहा
इसी बीच अल-कायदा से जुड़े एक कथित साप्ताहिक प्रकाशन में फ्लाईदुबई की घटना को लेकर सामग्री प्रकाशित होने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, इसमें 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों का संदर्भ देते हुए 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई कथित घटना की प्रशंसा की गई।
इस सामग्री में अमेरिका और इजरायल से जुड़े विमानों को निशाना बनाने वाली उकसाऊ अपील किए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इस तरह की प्रचार सामग्री को घटना की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी स्वीकार करने के बराबर नहीं माना जा सकता।
‘अल-बयान’ में 9/11 से की गई तुलना
रिपोर्ट के मुताबिक, यह सामग्री अरबी भाषा के साप्ताहिक प्रकाशन ‘अल-बयान’ के हालिया अंक में प्रकाशित हुई थी। बताया गया है कि इसे हटाए जाने से पहले अल-कायदा समर्थक टेलीग्राम चैनलों पर साझा किया गया था।
प्रकाशन में 9/11 हमलों की तस्वीर के साथ फ्लाईदुबई की घटना से संबंधित तस्वीर भी इस्तेमाल किए जाने की बात कही गई है। कथित लेख में भविष्य में अमेरिका और इजरायल से जुड़े विमानों को निशाना बनाने की अपील की गई।
फिलहाल जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि फ्लाईदुबई के को-पायलट की कथित कार्रवाई के पीछे उसकी व्यक्तिगत विचारधारा थी या किसी बाहरी संगठन अथवा नेटवर्क का प्रभाव। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ इन सवालों के जवाब सामने आने की उम्मीद है।



