फ्रांस में छात्र आंदोलन ने पकड़ा उग्र रूप, सड़कों पर हजारों छात्र; एक हफ्ते में 5 हजार से ज्यादा गिरफ्तारियां
स्कूलों की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन, शिक्षकों की कमी और भीड़भरी कक्षाओं से नाराज छात्र; 6 अक्टूबर को बड़े प्रदर्शन की तैयारी

फ्रांस ( एजेंसी ) // फ्रांस में स्कूल व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब व्यापक विरोध-प्रदर्शन में बदलता जा रहा है। देश के कई हिस्सों में हाईस्कूल के हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। कई जगह स्कूलों के गेट बंद किए गए और कूड़ेदानों में आग लगाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। आंदोलन के दौरान सोमवार से अब तक 5 हजार से अधिक लोगों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।
शुक्रवार को ही करीब 1,747 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है। इसके साथ ही आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या 5 हजार के पार पहुंचने का दावा किया जा रहा है। लगातार बढ़ते विरोध और हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
शिक्षकों की कमी बनी आंदोलन की बड़ी वजह
छात्रों की नाराजगी का एक प्रमुख कारण स्कूलों में शिक्षकों की कमी बताई जा रही है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कई स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं और लंबे समय तक किसी शिक्षक के अनुपस्थित रहने पर उनकी जगह वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती। इसका सीधा असर पढ़ाई पर पड़ रहा है।
इसके अलावा भीड़भरी कक्षाएं, जर्जर स्कूल भवन और पर्याप्त बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी छात्रों की शिकायतों में शामिल है। कुछ स्कूलों में पानी की समस्या, अत्यधिक गर्मी और खराब इमारतों को लेकर भी नाराजगी जताई जा रही है।
लंबे समय तक पढ़ाई और सुविधाओं की कमी पर सवाल
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि स्कूलों में पढ़ाई के घंटे लंबे हैं, लेकिन उसके अनुरूप कक्षाओं में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। कई कमरों में गर्मी के कारण छात्रों को परेशानी होती है। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की कमी के चलते स्कूलों की व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप भी लगाया जा रहा है।
देशभर में फैला आंदोलन
बताया जा रहा है कि आंदोलन की शुरुआत करीब एक सप्ताह पहले पेरिस से हुई थी, जिसके बाद यह फ्रांस के दूसरे हिस्सों में भी फैल गया। शुक्रवार को करीब 735 शिक्षण संस्थानों के प्रभावित होने की बात कही गई, जबकि इससे एक दिन पहले गुरुवार को एक हजार से अधिक हाईस्कूलों के प्रभावित होने का दावा किया गया था।
6 अक्टूबर को बड़े प्रदर्शन की तैयारी
आंदोलनकारी छात्रों ने 6 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की तैयारी की है। सरकार की सख्ती के बावजूद प्रदर्शन जारी रहने से आने वाले दिनों में स्थिति और तनावपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल फ्रांस सरकार के सामने एक ओर स्कूल व्यवस्था को लेकर छात्रों की शिकायतों का समाधान करने की चुनौती है, तो दूसरी ओर प्रदर्शन के दौरान हो रही हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं पर नियंत्रण करना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।



