रायपुर संभाग

36 घंटे में पेपर लीक का खुलासा: प्रोफेसर ने सीलबंद लिफाफे में छेद कर बनाया वीडियो, 11 हजार में बेचा प्रश्नपत्र; 6 गिरफ्तार

रायपुर ( शिखर दर्शन ) // इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में रायपुर पुलिस ने महज 36 घंटे में पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने प्रश्नपत्र लीक करने वाले मुख्य आरोपी एवं मास्टरमाइंड सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज का 38 वर्षीय प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया भी शामिल है।

पुलिस जांच में सामने आया कि प्रोफेसर ने सीलबंद प्रश्नपत्र के लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण से छोटा सा छेद किया और मोबाइल का कैमरा अंदर डालकर पूरे प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। इसके बाद प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर उसे अपने कॉलेज के छात्रों को 11 हजार रुपये में बेच दिया गया। छात्रों के बीच यह प्रश्नपत्र आगे प्रसारित होते-होते परीक्षा शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

परीक्षा से पहले वायरल हुआ प्रश्नपत्र

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 28 कृषि महाविद्यालयों में 20 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर के एजीसीएच-221 यानी कीटशास्त्र विषय की परीक्षा होनी थी।

परीक्षा शुरू होने से करीब डेढ़ घंटे पहले सुबह 8:41 बजे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कवर्धा के ई-मेल पर प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना पहुंची। इसके 13 मिनट बाद सुबह 8:54 बजे संबंधित अधिकारियों को भी इसकी जानकारी मिली। छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी प्रश्नपत्र के कुछ प्रश्नों के साथ उसके सोशल मीडिया पर वायरल होने की सूचना विश्वविद्यालय को दी।

जांच में प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया के जरिए प्रसारित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद तेलीबांधा थाने में अपराध क्रमांक 360/2026 दर्ज कर छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की धारा 4, 5 एवं 10 तथा बीएनएस की धारा 316 के तहत मामला दर्ज किया गया।

100 से ज्यादा पुलिसकर्मी जांच में जुटे

मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, तेलीबांधा पुलिस और अन्य पुलिस बल की 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम जांच में लगाई गई। टीम ने विश्वविद्यालय और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों से पूछताछ के साथ सोशल मीडिया पर वायरल प्रश्नपत्र, स्क्रीनशॉट, फोटो, संदेश और पोस्ट का तकनीकी विश्लेषण किया।

साइबर टीम ने प्रश्नपत्र के प्रसार की पूरी कड़ी तैयार की और यह पता लगाने में जुटी कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया खाते या डिजिटल माध्यम से बाहर आया। संदिग्ध मोबाइल नंबरों, खातों और उनके संपर्कों की तकनीकी जांच के बाद पुलिस दुर्ग निवासी अनुज मिंज तक पहुंची।

इसके बाद पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में अलग-अलग टीमें भेजीं। लगातार 36 घंटे की कार्रवाई में पुलिस ने प्रश्नपत्र लीक की पूरी कड़ी का खुलासा कर दिया।

प्रोफेसर ने ऐसे तोड़ा सीलबंद प्रश्नपत्र का राज

पुलिस के मुताबिक इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी योगेश सोनकेसरिया है, जो भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में वर्ष 2019 से प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।

17 अगस्त को वह कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर पहुंचा था। उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के बाद उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए। प्रश्नपत्रों को कॉलेज ले जाने के बाद उसने सभी लिफाफे कॉलेज में रख दिए, लेकिन 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र अपने घर ले गया।

पुलिस के अनुसार घर पहुंचने के बाद उसने सीलबंद लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण की मदद से छोटा छेद किया। इसी छेद से मोबाइल का कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की। इसके बाद वीडियो से प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर अपने कॉलेज के छात्रों को बेच दी।

11 हजार में बिका पेपर, छात्रों ने आगे फैलाया

पुलिस के मुताबिक योगेश ने प्रश्नपत्र की सामग्री अजय नायक और दो अन्य छात्रों को कुल 11 हजार रुपये में बेची। इसके बाद अजय नायक ने इसे त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचाया।

प्रश्नपत्र के इस तरह एक छात्र से दूसरे छात्र तक पहुंचने के दौरान ही यह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और परीक्षा शुरू होने से पहले विश्वविद्यालय तथा पुलिस तक इसकी सूचना पहुंच गई।

पुलिस के अनुसार प्रश्नपत्र खरीदने वाले सभी आरोपी भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग के छात्र हैं।

6 आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

इस मामले में पुलिस ने प्रोफेसर समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें योगेश सोनकेसरिया, अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि प्रश्नपत्र कितने लोगों तक पहुंचा और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

11 हजार रुपये, मोबाइल और पेपर लीक में इस्तेमाल सामान जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, 6 मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल समेत अन्य सामग्री बरामद की है।

पुलिस अब बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच के जरिए प्रश्नपत्र के आगे हुए प्रसार और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।

पुलिस अधिकारियों की निगरानी में हुई कार्रवाई

पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) तारकेश्वर पटेल की निगरानी में की गई।

रायपुर पुलिस का कहना है कि संवेदनशील परीक्षा दस्तावेज से छेड़छाड़ कर उसे बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क की जांच पर पुलिस का फोकस है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!