19 अगस्त महाकाल भस्म आरती: भांग-चंदन और आभूषणों से सजे बाबा महाकाल, भक्तों ने किए दिव्य दर्शन

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सावन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि बुधवार को ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खोले गए। इसके बाद भगवान महाकाल की भस्म आरती विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस दौरान बाबा महाकाल का भांग, चंदन, रजत आभूषण और पुष्पों से मनोहारी श्रृंगार किया गया।
पंचामृत से हुआ अभिषेक
मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके पश्चात भांग, चंदन और विभिन्न आभूषणों से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया।
भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में दिए दर्शन
भस्म आरती के दौरान प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित की गईं।
मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु भस्म आरती में शामिल हुए।
जयकारों से गूंजा महाकाल मंदिर
भस्म आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने नंदी महाराज के दर्शन किए और उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर बाबा महाकाल से पूर्ति का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान मंदिर परिसर लगातार ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से गूंजता रहा।



