सोना-चांदी के दाम में फिर गिरावट, जानिए आज का भाव और आगे कैसा रहेगा बाजार

नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े जारी होने के बाद मंगलवार को दोनों कीमती धातुओं में तेजी देखी गई थी, लेकिन बुधवार सुबह वैश्विक कमोडिटी बाजार और घरेलू वायदा बाजार में बिकवाली हावी रही, जिससे सोना और चांदी दोनों सस्ते हो गए।
क्यों आई कीमतों में गिरावट
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, लेकिन निवेशकों की चिंता अभी भी बनी हुई है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव, अमेरिका-ईरान के बीच जारी टकराव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई दोबारा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि महंगाई बढ़ती है तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में वृद्धि कर सकता है। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना का असर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों पर पड़ता है, जिससे इनकी कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
वैश्विक कमोडिटी बाजार में सोना करीब 0.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,036.80 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं चांदी भी लगभग 0.73 प्रतिशत कमजोर होकर 58.675 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
घरेलू वायदा बाजार में भी नरमी
घरेलू वायदा बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोना करीब 0.55 प्रतिशत टूटकर 1,41,471 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी 2,22,266 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती रही।
प्रमुख शहरों में सोने का भाव
देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 14,279 से 14,345 रुपये प्रति ग्राम के बीच दर्ज किया गया। 22 कैरेट सोने की कीमत 13,089 से 13,149 रुपये प्रति ग्राम रही, जबकि 18 कैरेट सोना 10,709 से 10,969 रुपये प्रति ग्राम के दायरे में कारोबार करता रहा।
चांदी भी हुई सस्ती
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और अन्य प्रमुख शहरों में चांदी का भाव लगभग 2,34,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
आगे कैसा रहेगा रुझान
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़े फैसलों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों का सीधा असर पड़ेगा। यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ सकती है, जबकि ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना कीमतों पर दबाव बनाए रख सकती है।



