11 जुलाई महाकाल भस्म आरती : सुगंधित पुष्पों की मालाओं से हुआ बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार, श्रद्धालुओं ने किए अलौकिक दर्शन

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर शनिवार तड़के भगवान महाकाल की भस्म आरती परंपरागत विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद बाबा महाकाल का जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक और भव्य श्रृंगार किया गया। सुगंधित पुष्पों की मालाएं, रुद्राक्ष, रजत आभूषण और भांग-चंदन से भगवान का दिव्य अलंकरण किया गया।
मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके पश्चात भगवान महाकाल का जलाभिषेक तथा दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। भांग, चंदन और विभिन्न आभूषणों से बाबा का मनोहारी श्रृंगार किया गया।
भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में दिए दर्शन
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया और कपूर आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाला, रुद्राक्ष की मालाएं तथा सुगंधित पुष्पों की मालाएं अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया।
सनातन मान्यता के अनुसार भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
जयकारों से गूंजा महाकाल मंदिर
भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर बाबा महाकाल के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं कही और सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय जय श्री महाकाल , हर हर महादेव , ॐ नमः शिवाय ” के जयघोष से गूंज उठा।



