7 साल बाद मिला इंसाफ: मनुआभान टेकरी दुष्कर्म और हत्या कांड में दोनों दोषियों को उम्रकैद

12 वर्षीय मासूम से दरिंदगी के बाद की थी हत्या, विशेष अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार को मिली राहत
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // राजधानी भोपाल के बहुचर्चित मनुआभान टेकरी दुष्कर्म और हत्या कांड में करीब सात वर्ष बाद न्याय का महत्वपूर्ण अध्याय सामने आया है। विशेष अदालत ने मामले के दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पीड़ित परिवार के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है।
यह मामला वर्ष 2019 का है, जब कोहेफिजा थाना क्षेत्र स्थित मनुआभान टेकरी में आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 वर्षीय बालिका अपनी चचेरी बुआ के साथ घूमने गई थी। आरोप है कि वहां दो युवकों ने मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया और पहचान उजागर होने के डर से उसकी हत्या कर दी। घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग उठी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत जांच कर अदालत में मजबूत पक्ष रखा। वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान प्रस्तुत सबूतों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
करीब सात वर्षों तक चली न्यायिक प्रक्रिया के दौरान पीड़ित परिवार लगातार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा था। अदालत के फैसले के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है। न्यायालय ने अपने निर्णय के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों को कानून के दायरे में आकर सजा भुगतनी ही पड़ती है।
मामले का एक आरोपी सुनवाई के दौरान जमानत पर बाहर था, लेकिन फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद पुलिस ने उसे न्यायालय परिसर से ही हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। दोनों दोषियों को अब आजीवन कारावास की सजा भुगतनी होगी।
इस फैसले को प्रदेश के चर्चित आपराधिक मामलों में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर न्याय व्यवस्था में लोगों के विश्वास को मजबूत किया है।



