दी…..दी…. 🔴🔴🔴 मोदी 😊 ! बंगाल में भगवा लहर, भाजपा दो-तिहाई बहुमत के करीब

रुझानों में BJP 195 सीटों पर आगे, TMC 90 के आसपास सिमटी
कोलकाता ( शिखर दर्शन ) // पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहां भारतीय जनता पार्टी दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचती नजर आ रही है। शुरुआती रुझानों में भाजपा 195 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि तृणमूल कांग्रेस करीब 90 सीटों के आसपास सिमटती दिख रही है। वाम दल और अन्य पार्टियां सीमित बढ़त पर हैं, जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद कमजोर नजर आ रहा है।
चुनाव आयोग के रुझानों के मुताबिक भाजपा डबल सेंचुरी से कुछ ही सीट दूर है। यदि यही रुझान नतीजों में तब्दील होते हैं, तो राज्य में लंबे समय बाद सत्ता परिवर्तन तय माना जा रहा है और ममता बनर्जी सरकार को बड़ा झटका लग सकता है।
बंगाल की 5 हॉट सीटों पर कौन आगे, कौन पीछे
- भवानीपुर में ममता बनर्जी भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी से 13842 वोटों से आगे चल रही हैं।
- सुवेंदु अधिकारी अपनी दूसरी सीट नंदीग्राम से 8702 वोटों से आगे चल रहे हैं। टीएमसी के पबित्र कर पीछे
- बहरामपुर सीट पर कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी भाजपा उम्मीदवार शुभ्रत मैत्रा से 5669 वोटों से पीछे।
- रेजीनगर से हुमायूं कबीर भाजपा के बपन घोष से 32738 वोटों से आगे चल रहे हैं।
- पानीहाटी सीट पर भाजपा उम्मीदवार आरजीकर रेप विक्टिम की मां करीब 10 हजार वोटों से आगे चल रही हैं।
वीआईपी सीटों की बात करें तो भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम सीट से आगे चल रहे हैं। बहरामपुर सीट पर अधीर रंजन चौधरी पीछे चल रहे हैं, जबकि रेजीनगर और पानीहाटी जैसी सीटों पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इन हॉट सीटों के रुझान साफ संकेत दे रहे हैं कि मुकाबला कई जगहों पर दिलचस्प बना हुआ है, हालांकि समग्र तस्वीर भाजपा के पक्ष में जाती दिख रही है।
ममता बनर्जी के घर के बाहर जय श्रीराम के नारे लगे
रुझानों के बीच भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। समर्थक सड़कों पर उतरकर जश्न मना रहे हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। इसी बीच ममता बनर्जी के आवास के बाहर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए जाने से राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
वहीं काउंटिंग के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में बूथ न छोड़ें और अंत तक डटे रहें।
फिलहाल ये केवल रुझान हैं और अंतिम नतीजे आना बाकी हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति यह संकेत दे रही है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है।



