अन्तर्राष्ट्रीय

‘इस्लामाबाद वार्ता’ पर टिकी दुनिया की नजर

शर्तों पर अड़ा ईरान, बातचीत से पहले अमेरिका से मांगों पर सहमति जरूरी

इस्लामाबाद ( एजेंसी ) // अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हलचल तेज हो गई है। ईरान का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए पहुंच चुका है, लेकिन तेहरान ने साफ कर दिया है कि बातचीत तभी आगे बढ़ेगी जब उसकी शर्तों को पहले स्वीकार किया जाएगा।

ईरानी मीडिया के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf के नेतृत्व में इस्लामाबाद पहुंचा है। इसमें विदेश, रक्षा और आर्थिक क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इस वार्ता को दोनों देशों के बीच जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक प्रयास माना जा रहा है।

ट्रंप की सख्त चेतावनी, 24 घंटे में तस्वीर साफ होने के संकेत

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि शांति वार्ता विफल होती है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि अगले 24 घंटे में यह साफ हो जाएगा कि समझौता होता है या नहीं।

ईरान ने लगाए समझौते के उल्लंघन के आरोप

ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के तीन महत्वपूर्ण हिस्सों का पालन नहीं किया। इसमें लेबनान और ‘रेसिस्टेंस एक्सिस’ में पूर्ण युद्धविराम, ईरान के फंसे फंड की रिहाई और उसके हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ जैसे मुद्दे शामिल हैं।

ईरान का कहना है कि हाल ही में फार्स प्रांत में ड्रोन घुसपैठ की घटना उसकी संप्रभुता पर सीधा हमला है, जिससे दोनों देशों के बीच अविश्वास और बढ़ा है।

सीजफायर के बाद अहम मोड़ पर बातचीत

करीब दो हफ्ते के अस्थायी युद्धविराम के बाद यह वार्ता शुरू हो रही है, जिसे जंग खत्म करने की दिशा में निर्णायक माना जा रहा है। पाकिस्तान इस उच्चस्तरीय बैठक की मेजबानी कर रहा है।

अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों देश समझौते तक पहुंच पाएंगे या फिर तनाव एक बार फिर बढ़ेगा।

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