महाकाल भस्म आरती 30 जनवरी: चंदन के अलौकिक श्रृंगार में विराजे बाबा महाकाल, ऑनलाइन देखें दर्शन
उज्जैन ( शिखर दर्शन ) //
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि शुक्रवार तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। मंदिर परिसर जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू और ॐ नमः शिवाय के उद्घोष से गूंज उठा। अलसुबह भस्म आरती विशेष विधि-विधान और भव्य श्रृंगार के साथ संपन्न हुई।
कपाट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ। बाबा महाकाल का चंदन से त्रिपुंड, त्रिनेत्र तथा भांग से मनोहारी श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया। मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान कर कपूर आरती की गई। इसके बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढांककर परंपरानुसार भस्म रमाई गई। आरती उपरांत भगवान को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पमालाएं अर्पित की गईं। आभूषणों और पुष्पों से बाबा का अलंकरण अत्यंत दिव्य दिखाई दिया।
भस्म आरती के दर्शन के लिए सैकड़ों श्रद्धालु तड़के ही मंदिर पहुंचे और पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान के समीप अपनी मनोकामनाएं कहीं। पूरे समय मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
