डिप्टी CM विजय शर्मा की प्रेसवार्ता: देश में प्रतिदिन सबसे अधिक PM आवास बनाने वाला राज्य छतीसगढ़.. ग्राम सचिवालय की बहाली और बस्तर की अधूरी 41 सड़कें पूर्ण होने की दी जानकारी
रायपुर (शिखर दर्शन) // उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने आज संवाद भवन, नवा रायपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य में ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग की उपलब्धियों तथा भावी योजनाओं का विस्तृत परिचय दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पुनः ग्रामीण सचिवालय प्रारंभ किए जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि पीएम आवास योजना में छत्तीसगढ़ देश में पहले स्थान पर है और प्रतिदिन सर्वाधिक आवास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले चरण में 18 लाख आवासों को स्वीकृति दी गई थी, जिनमें अधूरे, प्रतीक्षा सूची में शेष और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास शामिल थे। अब तक 3,000 से अधिक आत्मसमर्पित एवं नक्सल प्रभावित परिवारों को आवास प्रदान किए जा चुके हैं। विशेष पिछड़ी जनजातियों के 33 हजार से अधिक लोगों को आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 2,000 से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं।
विकास में स्व सहायता समूह (SHG) की महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने गांव-गांव तक बिल्डिंग मटेरियल की आपूर्ति सुनिश्चित की, 8,000 से अधिक डीलर दीदियों और 5,000 से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण देकर रोजगार भी उपलब्ध कराया गया।
डिजिटल पहल:
- प्रदेश में 6,195 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से अब तक 919 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन हो चुका है।
- समर्थ पंचायत पोर्टल के जरिए पंचायत करों का ऑनलाइन संग्रहण शुरू किया गया है। धमतरी जिले का सांकरा देश का पहला ग्राम पंचायत है, जिसने यूपीआई माध्यम से टैक्स संग्रहित किया।
- ग्राम सम्पदा मोबाइल ऐप के जरिए ग्रामीण परिसंपत्तियों का ऑनलाइन अभिलेखीकरण किया जा रहा है।
महत्वपूर्ण परियोजनाएँ और योजनाएँ:
- 368 महतारी सदन का निर्माण, जिसमें 137 पूर्ण हो चुके हैं।
- पीएम जनमन सड़कों में वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग कर महासमुंद और बस्तर संभाग में लंबे समय से लंबित सड़कें पूरी की गईं।
- विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों को जोड़ने के लिए 807 सड़कों का निर्माण। पीएमजीएसवाय चौथे चरण में लगभग 2,500 कि.मी. सड़कों का निर्माण।
- महिला सशक्तिकरण: ‘दीदी के गोठ’ रेडियो कार्यक्रम और ‘छत्तीसकला’ ब्रांड के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों का प्रचार-प्रसार।
- स्वच्छता और जल संरक्षण: 1.86 लाख परिवारों के लिए शौचालय निर्माण, 10,000 से अधिक आजीविका डबरियों का निर्माण, तथा ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत 2.32 लाख जल संरक्षण कार्य।
- मनरेगा में पारदर्शिता: सभी ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के QR कोड लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से 4.50 लाख से अधिक लोगों ने जानकारी प्राप्त की।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 86 कैम्प स्थापित कर 494 गांवों में सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा, “मोर आवास मोर अधिकार को लेकर पहले संघर्ष किया, अब परिणाम का समय है। चुनाव के बाद शासन ने सभी अधूरे और प्रतीक्षित आवासों को पूर्ण कराने की दिशा में काम किया है।”
इस अवसर पर प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, सचिव भीम सिंह, आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा, संचालक अश्विनी देवांगन, संचालक पंचायत प्रियंका महोबिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



