3 जनवरी महाकाल आरती: बिल्व पत्रों से सजा भगवान महाकालेश्वर का दिव्य श्रृंगार, घर बैठे करें दर्शन

उज्जैन (शिखर दर्शन) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर शनिवार तड़के पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर जय जय श्री महाकाल, हर हर महादेव, हर हर शंभू और ॐ नमः शिवाय के उद्घोष से गूंज उठा। तड़के 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद परंपरागत विधि-विधान से बाबा महाकाल की दिव्य भस्म आरती संपन्न हुई।

कपाट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर भगवान महाकाल का विधिवत जलाभिषेक किया। इसके पश्चात दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक कर बाबा को स्नान कराया गया। भगवान के मस्तक पर चंद्र अर्पित कर उनका दिव्य श्रृंगार किया गया, जिससे ज्योतिर्लिंग की अलौकिक छटा देखते ही बन रही थी।
भस्म अर्पण से पूर्व प्रथम घंटाल के साथ हरिओम का जल अर्पित किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान महाकाल का ध्यान किया गया। कपूर आरती के उपरांत ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म रमाई गई। इसके बाद बाबा को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्प अर्पित किए गए। आभूषणों और फूलों से सुसज्जित महाकाल का स्वरूप अत्यंत मनोहारी प्रतीत हुआ।
ब्रह्ममुहूर्त मे संपन्न हुई भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर बाबा महाकाल के जयकारों से भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।



