मध्यप्रदेश

18 जून महाकाल भस्म आरती: भांग-चंदन और रत्न-जड़ित आभूषणों से हुआ बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार

उज्जैन (शिखर दर्शन) // आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर बुधवार सुबह तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण भस्म आरती सम्पन्न हुई। सुबह 4 बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भगवान महाकाल का अभिषेक प्रारंभ हुआ। सबसे पहले जल से स्नान कराकर शुद्धिकरण किया गया, फिर दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से विशेष पूजन किया गया।

इस पावन अवसर पर भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार भस्म, भांग, चंदन और रत्नजड़ित आभूषणों से किया गया। शेषनाग की आकृति वाला रजत मुकुट, चांदी की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी मालाओं से बाबा को सजाया गया। साथ ही ड्रायफ्रूट से विशेष श्रृंगार कर फल-मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।

सुबह तड़के आयोजित भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामनाएं कहकर आशीर्वाद मांगा। मंदिर परिसर ‘हर हर महादेव’, ‘जय श्री महाकाल’ और ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयकारों से गूंज उठा।

सप्तमी तिथि की यह आरती श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और अध्यात्म का अनुपम संगम बन गई। एक बार फिर महाकाल की नगरी ने यह सिद्ध कर दिया कि उज्जैन की हर सुबह दिव्यता से आरंभ होती है और बाबा की हर आरती मोक्ष की राह बन जाती है।


Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Don`t copy text!