6 मई महाकाल आरती: मंगलवार को भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार, यहां देखें भव्य दर्शन
उज्जैन (शिखर दर्शन) // वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमीं तिथि, मंगलवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर में भक्तिभाव और आस्था से परिपूर्ण भस्म आरती का आयोजन हुआ। प्रातः 4 बजे मंदिर के कपाट खुलते ही सबसे पहले भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके पश्चात पंचामृत—दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से उनका पावन अभिषेक किया गया।
इसके बाद पुजारियों ने बाबा महाकाल के मस्तक पर चंद्र और त्रिशूल अर्पित किया। भांग, चंदन, रुद्राक्ष की माला, भस्म और सुगंधित पुष्पों से महाकाल का अलौकिक श्रृंगार किया गया। बाबा ने इस दिन शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुण्डमाल और रुद्राक्ष की माला धारण की। फूलों की सुंदर माला और भस्म से सुसज्जित भगवान को फल और मिष्ठान का भोग भी अर्पित किया गया।
भोर की भस्म आरती में देशभर से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और महाकाल के दिव्य दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। भक्तों ने नंदी महाराज के कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं और आशीर्वाद मांगा। पूरे मंदिर परिसर में “जय बाबा महाकाल”, “हर हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा।
