नेपाल में भूकंप से फिर कांपी धरती, राहत और बचाव कार्य में आ रही मुश्किलें, अब तक 256 लोगों की मौतें !
काठमांडू// (शिखरदर्शन) शुक्रवार रात नेपाल में आए भूकंप से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर अब तक करीब 256 के आसपास हो गया है । नेपाल में भूकंप के अगले दिन आफ्टरशॉक के झटके महसूस किए गए रिक्टर स्केल पर इसके तीव्रता 4•2 दर्ज की गई इस बीच नेपाल में भूकंप के बाद बर्बादी की तस्वीरें भी सामने आने लगी है यहां करीब 1800 घर तबाह हो गए हैं और लोग खुले में रहने को मजबूर हैं। जाजरकोट और रुकुम पश्चिम जिले में भूकंप का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है ।अधिकारियों ने बताया कि भूकंप की तीव्रता गंभीर थी। फिर भी क्षेत्र में निर्माण की खराब गुणवत्ता के कारण नुकसान और मरने वालों की संख्या अधिक होने की संभावना है। यह भूकंप पिछले 8 साल में आए भूकंप में सबसे भीषण भूकंप था जिसमें अब तक 256 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है । भूकंप के बाद राहत पर बचाव कार्य तेजी से जारी है । नेपाल के “राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र” के मुताबिक यह भूकंप शुक्रवार रात 11:45 पर आया है । रिएक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.4 मापी गई है वहीं “जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जिओ साइंसेज” ने भी बताया कि भूकंप की तीव्रता 5.7 थी जबकि “अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण” के अनुसार भूकंप की तीव्रता 5.6 थी । बचाव और राहत कार्य में लगे अधिकारियों ने आशंका व्यक्त की है कि मरने वालों की संख्या और अधिक बढ़ सकती है । जिले के अधिकारी हरिश्चंद्र शर्मा ने बताया कि घायलों की संख्यामें अभी और इजाफा हो सकता है। बचाव और राहत कार्य में लगे अधिकारियों ने यह भी बताया कि भूकंप की तीव्रता गंभीर थी लेकिन उसके साथ ही साथ क्षेत्र में जितने भी निर्माण हुए हैं हर एक इमारत की गुणवत्ता कुछ खास नहीं होने के कारण नुकसान की संभावना अत्यधिक हो सकती है भूकंप आने के समय लोग सो रहे थे उन्होंने बताया कि बचाव कार्य धीमा होने का शंका है क्योंकि आपातकालीन टीमों को कई स्थानों पर भूस्खलन से अवरुद्ध हुई सड़कों को साफ करना पड़ रहा है । इधर बचाव और राहत कार्य में बाधा आ रही है पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण बचाव दल को अत्यधिक कठनाइयो का सामना करना पड़ रहा है इससे पहले सन 2015 में आए दो भूकंपों में करीब 9000 लोग मारे गए थे पूरा कस्बा सदियों पुराना मंदिर और अन्य ऐतिहासिक स्थल सब कुछ मालवे में तब्दील हो गए थे इसके साथ ही 10 लाख से अधिक लोग लोगों का घर बार तबाह हो गया था। जाजरकोट और रुकुम के पश्चिम जिले में भूकंप का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है करनाली प्रांत के चार्जर कोर्ट में 99 लोग मारे गए जबकि 55 लोग घायल हुए हैं वहीं रुकूम के पश्चिम जिले में 38 लोग मारे गए। जब की 85 लोग घायल हुए हैं भूकंप का केंद्र रामी डंडा गांव में था अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से झटके 600 किलोमीटर दूर भारत की राजधानी नई दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी महसूस किए गए जिससे इमारतें हिल गई थी और लोग सड़क पर भगाने के लिए मजबूर हो गए नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में किसी तरह का नुकसान होने की खबर फिलहाल नहीं आई है इधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वह नेपाल में भूकंप से हुए जान माल कि क्षति से काफी दुखी हैं और भारत नेपाल के लोगों के साथ हर संभव सहायता देने के लिए तैयार हैं ।
