28 जनवरी महाकाल आरती: बाबा महाकाल का भस्म आरती में दिव्य श्रृंगार, श्रद्धालुओं ने मांगी मनोकामनाएं

( विशेष संवाददाता छमू गुरु की रिपोर्ट )
उज्जैन (शिखर दर्शन) // माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के कपाट मंगलवार सुबह 4 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। परंपरा के अनुसार, भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद पंचामृत, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस शामिल थे, से उनका दिव्य अभिषेक संपन्न हुआ।
भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को भस्म चढ़ाई गई। इसके साथ ही शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित पुष्पों से बनी माला से भगवान का भव्य श्रृंगार किया गया। बाबा महाकाल को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया।
इस अद्भुत आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालु नंदी महाराज के कान के पास अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कर आशीर्वाद मांगते नजर आए। पूरे मंदिर परिसर में “जय जय श्री महाकाल,” “हर हर महादेव,” और “हर हर शंभू” के जयकारे गूंजते रहे, जिससे माहौल भक्तिमय हो उठा।

भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के इस दिव्य रूप के दर्शन ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव कराया। मंदिर प्रशासन द्वारा लाइव दर्शन की व्यवस्था भी की गई थी, जिससे देश-विदेश के भक्त घर बैठे ही बाबा महाकाल की आराधना कर सके।
