VSK ऐप से वेतन कटौती पर शिक्षकों का विरोध, बोले– तकनीकी खामियां दूर करें, फिर लागू करें ऑनलाइन उपस्थिति

बलरामपुर में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने उठाए सवाल, बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने की मांग
बलरामपुर ( शिखर दर्शन ) // वीएसके ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन कटौती के निर्देशों का विरोध अब बलरामपुर जिले तक पहुंच गया है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कहा है कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियां और मोबाइल नेटवर्क की स्थिति को नजरअंदाज कर यह व्यवस्था लागू कर दी गई है, जबकि आज भी कई विद्यालय ऐसे हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण ऐप ठीक से काम नहीं करता।
एसोसिएशन का कहना है कि विभाग को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या पूरे महीने सभी सरकारी विद्यालयों में मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता सुनिश्चित है। संगठन ने इस संबंध में श्वेत पत्र जारी करने की भी मांग की है।
जिलाध्यक्ष पवन सिंह और प्रदेश सहसचिव ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि एक ओर सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति वर्षों से लंबित है, वहीं दूसरी ओर वीएसके ऐप में उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर वेतन काटने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जो पूरी तरह अनुचित हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में वीएसके ऐप कई तकनीकी समस्याओं से जूझ रहा है। कहीं लोकेशन सही नहीं मिल रही है, कहीं विद्यालय की दूरी गलत दिखाई दे रही है, तो कई स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क के अभाव में समय पर उपस्थिति दर्ज ही नहीं हो पा रही है। ऐसे में केवल ऐप के आधार पर वेतन कटौती करना न्यायसंगत नहीं है।
प्रदेश सहसचिव ऋषिकेश उपाध्याय ने सवाल उठाया कि जब विद्यालयों में प्रतिदिन शिक्षक उपस्थिति पंजी संधारित किया जाता है, तो क्या अब उसकी वैधानिक मान्यता समाप्त कर दी गई है? उन्होंने कहा कि अधिकांश शिक्षकों ने निजी डेटा सुरक्षा को लेकर आशंकाओं के बावजूद अपने निजी मोबाइल में वीएसके ऐप डाउनलोड किया है, लेकिन प्रदेशभर में बायोमेट्रिक ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करना अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी विकल्प होगा।
प्रदेश प्रचार सचिव मणि यादव, ब्लॉक अध्यक्ष विनोद यादव सहित संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि वीएसके ऐप की तकनीकी खामियों के बावजूद उसके आधार पर वेतन काटने के निर्णय का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि जहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या है, वहां भी बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराई जा सकती है।
शिक्षक संगठन ने शासन से मांग की है कि पहले वीएसके ऐप की सभी तकनीकी खामियों को दूर किया जाए, विद्यालयों में संधारित उपस्थिति पंजी का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा पूरे प्रदेश में बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही ऐप के आधार पर वेतन कटौती संबंधी आदेश वापस लेने की भी मांग की गई है।



