मूसलाधार बारिश के बीच 12वीं की पूरक परीक्षा टालने की उठी मांग

लगातार बारिश और जलभराव का हवाला देकर माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजा ज्ञापन
बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // लगातार हो रही भारी बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति के बीच कक्षा 12वीं की पूरक परीक्षा आयोजित किए जाने पर छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला बिलासपुर ने आपत्ति जताई है। फेडरेशन ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से परीक्षा तत्काल स्थगित कर नई तिथि घोषित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी सुरक्षित रूप से परीक्षा केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
फेडरेशन के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार पाण्डेय ने जिला कलेक्टर बिलासपुर के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में बताया गया है कि बीती रात से बिलासपुर सहित प्रदेश के अनेक जिलों में लगातार तेज बारिश हो रही है। इसके कारण कई स्थानों पर जलभराव, सड़कें अवरुद्ध होने तथा पुल-पुलियों एवं नदी-नालों में उफान जैसी स्थिति बनने से आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है।
संगठन ने कहा है कि जिला प्रशासन भी विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। ऐसे हालात में आज आयोजित कक्षा 12वीं की पूरक परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित और समय पर पहुंचना बड़ी चुनौती बन गया है।
फेडरेशन ने आशंका जताई है कि यदि परीक्षा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित की गई तो प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी परीक्षा से वंचित रह सकते हैं। इससे उनके शैक्षणिक भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और उन्हें समान अवसर नहीं मिल पाएगा।
ज्ञापन में माध्यमिक शिक्षा मंडल से विद्यार्थियों की सुरक्षा, हित और समान अवसर के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए कक्षा 12वीं की पूरक परीक्षा तत्काल स्थगित कर मौसम सामान्य होने के बाद नई परीक्षा तिथि घोषित करने का आग्रह किया गया है।
फेडरेशन की प्रमुख मांगें
- कक्षा 12वीं की प्रस्तावित पूरक परीक्षा तत्काल स्थगित की जाए।
- मौसम सामान्य होने के बाद नई परीक्षा तिथि घोषित की जाए।
- बारिश और जलभराव से प्रभावित विद्यार्थियों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
- प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में सभी परीक्षार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराया जाए।



