लोकतंत्र सेनानियों का त्याग नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

आपातकाल स्मृति दिवस पर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान, ‘आपातकाल के योद्धा’ स्मारिका का विमोचन
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर रविवार को राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समारोह में लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका ‘आपातकाल के योद्धा’ का विमोचन किया तथा राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र सेनानियों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल की यातनाएं सहीं और अनेक कठिनाइयों का सामना किया। उनका त्याग और संघर्ष आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को लोकतंत्र और स्वतंत्रता के महत्व से अवगत कराने का प्रभावी माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने पारिवारिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय 19 महीने तक जेल में रहे थे। उस कठिन दौर में लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों को आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ा, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भेष बदलकर जरूरतमंद परिवारों तक अनाज और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने का कार्य करते थे।

समारोह के मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन व्यवस्था नहीं, बल्कि जीवन का मूल मूल्य है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर आघात पहुंचा था, लेकिन लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष ने लोकतांत्रिक मूल्यों को जीवित रखा। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने, सामाजिक समरसता को मजबूत करने तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी संस्कृति और मूल्यों के बल पर विश्व में और अधिक सशक्त पहचान बना सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वर्ष 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था। उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दौर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की सीख देता है।
निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
विद्यालय वर्ग
- प्रथम : जागृति जांगड़े (रायपुर)
- द्वितीय : सूरज तांडिया (कोरबा)
- तृतीय : अंश देशमुख (दुर्ग)
महाविद्यालय वर्ग
- प्रथम : कल्याणी पटले (रायपुर)
- द्वितीय : सीमा साव (रायगढ़)
- तृतीय : खुशबू (दुर्ग)
मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया।
समारोह में रहे उपस्थित
समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, लोकतंत्र सेनानी एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



