क्रिप्टो बाजार में भूचाल: Bitcoin फिसला, Ethereum-Solana समेत प्रमुख डिजिटल करेंसी में बड़ी गिरावट

अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी घबराहट, निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से बनाई दूरी
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब क्रिप्टो बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के बीच निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी है, जिसके चलते बिटकॉइन सहित अधिकांश प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में बढ़ी अनिश्चितता के कारण व्यापक बिकवाली का माहौल बना हुआ है।
ट्रंप के बयान के बाद बढ़ी बेचैनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई, जिसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमले का दावा किया। इसके बाद अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया, जिसका सीधा असर वैश्विक वित्तीय बाजारों और क्रिप्टो सेक्टर पर देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी दुनिया में युद्ध या सैन्य तनाव की स्थिति बनती है, निवेशक जोखिम वाले निवेश साधनों से पैसा निकालकर अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
बिटकॉइन में आई गिरावट
दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में करीब 2.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद इसकी कीमत घटकर लगभग 61,433 डॉलर के स्तर पर पहुंच गई। हाल के दिनों में बनी तेजी पर इस गिरावट ने ब्रेक लगा दिया है।
Ethereum, Solana और Dogecoin भी लाल निशान में
क्रिप्टो बाजार में बिकवाली सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं रही। अन्य प्रमुख डिजिटल करेंसी भी दबाव में नजर आईं।
- Ethereum में 3.72 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
- Solana करीब 4.36 प्रतिशत टूट गया।
- Dogecoin में भी 3.15 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली।
लगभग पूरे क्रिप्टो बाजार में निवेशकों ने मुनाफावसूली और सतर्कता का रुख अपनाया।
गिरावट के पीछे कई वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका-ईरान तनाव के अलावा अमेरिकी महंगाई आंकड़ों को लेकर बनी अनिश्चितता भी बाजार पर दबाव बना रही है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से वैश्विक निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ है, जिसके कारण क्रिप्टो ETF से निकासी बढ़ी है और निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।
आगे क्या रहेगा बाजार का रुख?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में क्रिप्टो बाजार की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया की परिस्थितियों और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी। यदि तनाव और बढ़ता है तो बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, जबकि हालात सामान्य होने पर क्रिप्टोकरेंसी में फिर से तेजी लौटने की संभावना बन सकती है।
निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह
विशेषज्ञों ने मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। उनका मानना है कि बढ़ती अनिश्चितता के दौर में जोखिम प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण रणनीति साबित हो सकती है।



