बिलासपुर संभाग

14 दिन में दो बार दूल्हा-दुल्हन बने प्रेमी युगल: पहले मंदिर में लिए फेरे, फिर एडीएम कोर्ट में रचाई कानूनी शादी

“पहले से चल रहे प्रेम संबंध को बड़ी बहन की शादी के दिन मिला नया मुकाम…”, कलेक्ट्रेट में दिनभर होती रही चर्चा

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // बिलासपुर में एक अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां एक प्रेमी जोड़े ने 14 दिनों के भीतर दो बार शादी रचाकर हर किसी को हैरान कर दिया। पहले गांव के मंदिर में सात फेरे लेकर एक-दूसरे को जीवनसाथी बनाया और फिर परिवार की मौजूदगी में एडीएम कोर्ट पहुंचकर कानूनी रूप से विवाह कर लिया। इस अनोखे विवाह की चर्चा पूरे कलेक्ट्रेट परिसर से लेकर आसपास के इलाकों तक होती रही।

बड़ी बहन की शादी में मिली जिंदगी की नई राह

जानकारी के मुताबिक तखतपुर क्षेत्र के सिलतरा गांव निवासी सतीश साहू और गनियारी की रहने वाली दीपिका साहू पिछले कई वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। दोनों के बीच प्रेम संबंध था, लेकिन परिवारों को इसकी जानकारी नहीं थी।

कहानी में दिलचस्प मोड़ तब आया जब दीपिका की बड़ी बहन की शादी 28 अप्रैल 2026 को तय हुई। शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे सतीश और दीपिका ने परिवार की सहमति और माहौल को देखते हुए उसी दिन अपने रिश्ते को नया नाम देने का फैसला कर लिया।

मंदिर में लिए सात फेरे, फिर कोर्ट पहुंची ‘बारात’

परिवार के लोगों की मौजूदगी में 28 अप्रैल को गांव के मंदिर में पूरे रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दोनों ने सात फेरे लिए। शादी के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए करीब 45 दिन पहले एडीएम कोर्ट में आवेदन जमा कराया गया था, जिसकी तारीख 11 मई को निर्धारित थी।

निर्धारित तारीख पर जब दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक वेशभूषा में परिवार और रिश्तेदारों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे, तो वहां मौजूद लोग उन्हें देखकर हैरान रह गए। कोर्ट परिसर में अचानक जुटी भीड़ को देखकर कई अधिकारी और कर्मचारी भी कुछ देर के लिए ठिठक गए।

एडीएम कोर्ट में दोबारा हुई शादी की रस्म

कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया के दौरान दोनों ने कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए और एडीएम कोर्ट में विवाह की औपचारिकताएं पूरी कीं। इस दौरान रिश्तेदारों ने दूल्हा-दुल्हन को जयमाला पहनाई और पूरे परिसर में खुशी का माहौल बन गया।

करीब चार घंटे तक चली प्रक्रिया के बाद दोनों पति-पत्नी के रूप में बाहर निकले तो परिवार और दोस्तों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद नवविवाहित जोड़े ने परिसर में फोटोशूट भी कराया।

प्रेम, परंपरा और कानून… तीनों का अनोखा संगम

यह अनोखा विवाह इसलिए भी खास बन गया क्योंकि इसमें प्रेम, पारिवारिक सहमति और कानूनी प्रक्रिया—तीनों का सुंदर संगम देखने को मिला। गांव से लेकर शहर तक इस शादी की चर्चा हो रही है और लोग इसे नई पीढ़ी के रिश्तों का अलग उदाहरण मान रहे हैं।

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