रामघाट पर नाजिया इलाही खान का पूर्वजों और बेजुबान जानवरों के लिए तर्पण, CJP कार्यकर्ताओं को बताया ‘तिलचिट्टा’
सनातन धर्म अपनाने पर बोलीं अधिवक्ता—पहले करूंगी शुद्धि, फिर विधिवत स्वीकार करूंगी धर्म; औरंगजेब, गरबा सुरक्षा और धमकियों पर भी रखे अपने विचार

उज्जैन ( शिखर दर्शन ) // सर्वपितृ अमावस्या पर सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता नाजिया इलाही खान मध्यप्रदेश के उज्जैन पहुंचीं, जहां उन्होंने शिप्रा नदी के रामघाट पर अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण किया। उन्होंने बकरीद के दौरान मारे जाने वाले बेजुबान जानवरों के लिए भी तर्पण करने की बात कही। अपने दौरे के दौरान नाजिया ने सनातन धर्म अपनाने की इच्छा, CJP के प्रदर्शन, औरंगजेब और नवरात्रि के दौरान सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बेबाक बयान दिए। उनके कुछ बयान राजनीतिक और सामाजिक बहस को हवा दे सकते हैं।
रामघाट पर पूर्वजों के साथ बेजुबान जानवरों के लिए भी तर्पण
नाजिया इलाही खान ने सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर शिप्रा नदी के ऐतिहासिक रामघाट पर धार्मिक अनुष्ठान किया। उनके साथ पुजारी पंडित अजय गुरु मौजूद रहे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया। साथ ही, उन्होंने बकरीद के दौरान मारे जाने वाले बेजुबान जानवरों की स्मृति में भी अलग से तर्पण और पूजा-अर्चना की। उन्होंने अनुष्ठान के बाद मन हल्का होने की बात कही।
‘पहले शुद्धि, फिर विधिवत सनातन धर्म स्वीकार करूंगी’
मीडिया से बातचीत में नाजिया ने सनातन धर्म अपनाने को लेकर अपनी योजना साझा की। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह अपनी ‘शुद्धि’ कर रही हैं। उनके मुताबिक, जब उन्हें और पंडितों को लगेगा कि यह प्रक्रिया पूरी हो गई है, तब वह विधिवत सनातन धर्म स्वीकार करेंगी और इसकी सार्वजनिक घोषणा करेंगी।
उनके इस बयान ने उनके धार्मिक रुझान और भविष्य में धर्म परिवर्तन की संभावनाओं को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, उन्होंने धर्म स्वीकार करने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
CJP कार्यकर्ताओं पर तीखा हमला, ‘तिलचिट्टा’ कहकर साधा निशाना
CJP यानी सिटीजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस के कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए नाजिया ने उन्हें ‘तिलचिट्टा’ कहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोग मौसम और समय के हिसाब से सामने आते हैं और फिर गायब हो जाते हैं।
उनकी यह टिप्पणी CJP के प्रदर्शन और उससे जुड़े विवादों के बीच सामने आई है। यह नाजिया की व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी है, जिसे लेकर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले का दूसरा पक्ष भी स्पष्ट हो सकेगा।
औरंगजेब पर निशाना, भारतीय मुसलमानों से की मुखर होने की अपील
नाजिया ने मुगल शासक औरंगजेब को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने भारतीय मुसलमानों से उसके खिलाफ आवाज उठाने की अपील की और आरोप लगाया कि औरंगजेब ने इस्लाम की छवि को नुकसान पहुंचाया। उनके बयान में इतिहास, धर्म और वर्तमान सामाजिक विमर्श से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
गरबा आयोजनों की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
नवरात्रि और गरबा आयोजनों के संदर्भ में नाजिया ने पुलिस-प्रशासन से सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग हिंदू त्योहारों के दौरान लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर निशाना बनाते हैं। इस दौरान उन्होंने हत्या और शवों को फ्रिज में रखने जैसी गंभीर आपराधिक घटनाओं का भी जिक्र किया।
हालांकि, ऐसे आरोपों को किसी समुदाय से जोड़कर सामान्य निष्कर्ष निकालने के बजाय प्रत्येक मामले की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर देखना जरूरी है।
धमकियों से नहीं डरने का दावा
नाजिया ने कहा कि अपने बयानों और तीन तलाक के खिलाफ कानूनी लड़ाई के बाद उन्हें धमकियों या विरोध से डर नहीं लगता। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का उल्लेख करते हुए देश में खुद को सुरक्षित बताया और धमकी देने वालों को चुनौती दी।
उज्जैन प्रवास के दौरान उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन भी किए।
धर्म, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा में रहा दौरा
नाजिया इलाही खान का उज्जैन दौरा धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा। सनातन धर्म स्वीकार करने की उनकी इच्छा, CJP पर उनकी टिप्पणी और सामाजिक-धार्मिक मुद्दों पर दिए गए बयानों ने इसे चर्चा का विषय बना दिया। उनके बयानों के विभिन्न पहलुओं पर प्रतिक्रियाएं सामने आने के साथ यह मामला धार्मिक आस्था, राजनीतिक अभिव्यक्ति और सामाजिक विमर्श से जुड़ी बहस का हिस्सा बन सकता है।



