मंदिरों के पुजारियों पर टिप्पणी से विवादों में AISA प्रमुख नेहा बोरा, सुप्रीम कोर्ट की वकील ने पुलिस में दी शिकायत; BJP ने राहुल गांधी को भी घेरा

महिलाओं की सुरक्षा और ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ पर दिए गए बयान का वीडियो सामने आने के बाद बढ़ा विवाद, विपक्षी गठबंधन के कुछ नेताओं ने भी टिप्पणी को बताया अनुचित
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा मंदिरों और पुजारियों को लेकर दिए गए एक बयान के कारण विवादों में घिर गई हैं। महिलाओं की सुरक्षा और कथित ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ पर बोलते हुए उन्होंने मंदिरों के भीतर पुजारियों द्वारा यौन अपराध किए जाने का आरोप लगाया था। उनका एक पुराना वीडियो 3 नवंबर को सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक विवाद तेज हो गया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने नई दिल्ली के संसद मार्ग थाने में पुलिस शिकायत दी है। वहीं, भाजपा ने भी नेहा बोरा के बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
क्या कहा था नेहा बोरा ने ?
वायरल वीडियो में नेहा बोरा महिलाओं और वंचित वर्गों की सुरक्षा के संदर्भ में उस सामाजिक व्यवस्था की आलोचना करती दिखाई देती हैं, जिसे उन्होंने ‘ब्राह्मणवादी व्यवस्था’ कहा। उन्होंने दावा किया कि इस व्यवस्था में महिलाओं और कमजोर वर्गों को अधीन रखने की प्रवृत्ति रही है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि ब्राह्मण परिवारों की महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं और मंदिरों के भीतर पुजारियों द्वारा दुष्कर्म किए जाने की घटनाएं हुई हैं। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने उन्नाव और कठुआ की घटनाओं का भी उल्लेख किया।
हालांकि, उनके बयान में पुजारियों और मंदिरों को लेकर किए गए व्यापक दावों पर आपत्ति जताई जा रही है। आलोचकों का कहना है कि कुछ आपराधिक घटनाओं के आधार पर पूरे धार्मिक समुदाय या धार्मिक संस्थाओं के बारे में सामान्यीकृत टिप्पणी करना उचित नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने दी शिकायत
सुप्रीम कोर्ट की वकील अमिता सचदेवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने नेहा बोरा के खिलाफ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को शिकायत दी है।
सचदेवा का आरोप है कि धार्मिक कार्यों से जुड़े पूरे समुदाय के खिलाफ इस तरह के व्यापक और गैर-जिम्मेदाराना बयान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकते हैं। इससे अलग-अलग समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ने और सार्वजनिक शांति प्रभावित होने की आशंका है।
उन्होंने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संवैधानिक अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल किसी समुदाय के खिलाफ गैर-जिम्मेदाराना आरोप लगाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में फिलहाल पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज किए जाने या किसी अन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा ने राहुल गांधी को भी घेरा
नेहा बोरा के बयान को लेकर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए नेहा बोरा को राहुल गांधी से जोड़कर निशाना साधा। भंडारी ने आरोप लगाया कि उनके बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विचारधारा से प्रेरित हैं।
एनडीटीवी से बातचीत में भंडारी ने कहा कि नेहा बोरा की टिप्पणियां राहुल गांधी के मंदिरों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिए गए पुराने बयान जैसी हैं। भाजपा ने इस पूरे मामले को हिंदू धार्मिक परंपराओं और पुजारियों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी बताते हुए राजनीतिक मुद्दा बनाया है।
विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने भी जताई आपत्ति
इस विवाद पर केवल भाजपा नेताओं ने ही प्रतिक्रिया नहीं दी है। शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी और समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने भी नेहा बोरा की व्यापक टिप्पणी पर आपत्ति जताई। राजीव राय ने कहा कि किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के सभी लोगों को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, हर समुदाय में अच्छे और बुरे लोग हो सकते हैं, इसलिए इस तरह के सामान्यीकृत बयान से बचना चाहिए।
फिलहाल नेहा बोरा की टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। एक ओर भाजपा इसे धार्मिक भावनाओं और पुजारियों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता ने इसे सामाजिक सौहार्द के लिए चिंताजनक बताया है। अब इस मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।



