बस्तर में शांति और विकास के नए दौर की शुरुआत, केंद्रीय मंत्री मांडविया ने किया राज्योत्सव का शुभारंभ

मुख्यमंत्री साय बोले- मोदी की गारंटियों को पूरा कर रही सरकार; प्रतिदिन बन रहे 1,600 प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन से 68 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रही सहायता
रायपुर ( शिखर दर्शन ) // छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर रविवार को तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प ही विकसित भारत के निर्माण को नई गति देगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है और इसे पूरा करने में छत्तीसगढ़ जैसे प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध संस्कृति और अपार संभावनाओं वाले राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा, जनकल्याणकारी योजनाओं और बस्तर में बदलती परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटियों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
अटल बिहारी वाजपेयी के सपने को आगे बढ़ा रहा छत्तीसगढ़
केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों की आकांक्षाओं को नई पहचान दी थी। उन्होंने प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखी। आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ उसी संकल्प को आगे बढ़ा रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, लोकपरंपराएं, प्राकृतिक संपदा और यहां के लोगों की कर्मठता प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं। कभी बस्तर की पहचान मुख्य रूप से नक्सलवाद से जुड़ी खबरों के कारण होती थी, लेकिन अब वहां खेल, पर्यटन, संस्कृति और विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। बस्तर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही हैं। औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
नक्सलवाद से प्रभावित बस्तर में विकास की नई उम्मीद
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक बस्तर के विकास में बड़ी बाधा बना रहा। प्राकृतिक सौंदर्य, वन और खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद इस क्षेत्र के अनेक इलाकों तक बुनियादी सुविधाएं अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच पाई थीं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के सहयोग से क्षेत्र अब शांति, विश्वास और विकास की ओर आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बस्तर के दूरस्थ गांवों तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाएं पहुंचाना है। नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने इस अभियान में सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया।
प्रतिदिन बन रहे 1,600 प्रधानमंत्री आवास, 68 लाख महिलाओं को सहायता
मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के मकान तैयार हो रहे हैं। यह गरीब परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने का अभियान है।
उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिल रहा है और वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में अधिक सक्षम हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को लंबित बोनस का भुगतान भी किया गया है। इसके अलावा चरण पादुका योजना दोबारा शुरू की गई है और भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
रामलला दर्शन योजना से 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को लाभ
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और यहां के लोगों की आस्था उनसे गहराई से जुड़ी हुई है। रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी इस तीर्थयात्रा का अवसर मिले।
उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि अब सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर 21 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। युवाओं को उच्च शिक्षा, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
लोकसंस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
समारोह में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पंडवानी, पंथी और ददरिया जैसी लोककलाएं प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान हैं। लोककलाओं के संरक्षण और कलाकारों को सम्मान देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंडवानी की महान साधिका स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में राज्य अलंकरण की शुरुआत की गई है।
उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर, राजिम, रामगढ़ की प्राचीन गुफाओं और मैनपाट जैसे पर्यटन स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके विकास से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार तथा आय के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



