10 जून श्री महाकाल भस्म आरती शृंगार दर्शन , भगवान महाकाल के मस्तक पर त्रिपुंड और त्रिनेत्र अर्पित कर राजा स्वरूप हुआ दिव्य श्रृंगार !
महाकालेश्वर मंदिर में जलाभिषेक और भस्म आरती के साथ भक्तों ने किया पूजा-अर्चना
उज्जैन // ( शिखर दर्शन ) // विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के सुबह 4 बजे ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मंदिर के कपाट खोले गए। भगवान महाकाल का सबसे पहले पवित्र गंगाजल जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद दूध, दही, घी, शहद, और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया।
बाबा महाकाल पर भांग त्रिपुंड, चंदन और त्रिनेत्र अर्पित कर उन्हें राजा स्वरूप श्रृंगार किया गया। श्री महाकाल को भस्म चढ़ाई गई, श्री महाकाल ने शेषनाग का रजत मुकुट, रजत की मुण्डमाल, रुद्राक्ष की माला, और सुगंधित पुष्पों से बनी माला धारण की। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल को उज्जैन की प्रसिद्ध मिठाइयों का भोग लगाया।

सुबह की भस्म आरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा महाकाल के दर्शन कर आत्मिक आनंद प्राप्त किया । भक्तों ने नंदी महाराज के समीप जाकर उनके कान मे मनोकामनाएं बाबा तक पहुचाने की विनती की । पूरा मंदिर बाबा बाबा महाकाल के जयकारे जय जय श्री महाकाल , हर हर महादेव , हर हर शंभू , ॐ नमः शिवाय से गुंजयमान हो रहा था !
