प्रियंका गांधी को भाषण का मौका नहीं मिलने पर भाजपा का हमला, राहुल-प्रियंका के बीच मतभेद का दावा

संबित पात्रा बोले- कांग्रेस में दो गुट बन गए हैं; रामलीला मैदान की रैली को बताया फ्लॉप शो, प्रियंका की नाराजगी को लेकर भी उठाए सवाल
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) // दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधा है। भाजपा सांसद एवं प्रवक्ता संबित पात्रा ने दावा किया कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बीच मतभेद हैं और कांग्रेस के भीतर दो अलग-अलग गुट बन गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी को INDIA गठबंधन के दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में बोलने का अवसर नहीं दिया गया। हालांकि, ये भाजपा की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। कांग्रेस की ओर से इन दावों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
प्रियंका के भाषण नहीं देने को बनाया मुद्दा
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि 31 अक्टूबर को आयोजित प्रतीकात्मक संसद और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में हुई रैली, दोनों ही कार्यक्रमों में प्रियंका गांधी को संबोधन का अवसर नहीं दिया गया। उनका कहना था कि इन कार्यक्रमों में सांसदों के अलावा अन्य लोगों को भी बोलने का मौका मिला, लेकिन प्रियंका को मंच से अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया।
भाजपा प्रवक्ता ने अपने इंस्टाग्राम वीडियो संदेश में तंज कसते हुए कहा कि गांधी परिवार के भीतर भी प्रियंका का ‘वोट चोरी’ हो गया है। उन्होंने दावा किया कि दोनों कार्यक्रमों के दौरान प्रियंका नाखुश दिखाई दीं। संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्हें आशंका है कि प्रियंका को आगे बढ़ाने से पार्टी में उनकी अपनी राजनीतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
रैली की भीड़ को लेकर भी भाजपा ने उठाए सवाल
रामलीला मैदान में हुई रैली को संबित पात्रा ने फ्लॉप शो करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया था, लेकिन उनके मुताबिक वहां एक लाख लोग भी नहीं पहुंचे। भाजपा ने रैली के दौरान मैदान के कुछ हिस्सों में खाली जगह होने का हवाला देकर विपक्ष के भीड़ संबंधी दावों पर सवाल उठाए। ये आंकड़े भाजपा की ओर से किए गए दावे हैं।
CEC के खिलाफ विरोध के लिए जुटा था INDIA गठबंधन
दरअसल, INDIA गठबंधन ने 31 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित किया था। इसके अगले दिन 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली हुई। गठबंधन ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित अनियमितताओं से मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
रामलीला मैदान की रैली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव सहित विपक्षी गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। भाजपा ने इसी कार्यक्रम में प्रियंका गांधी के भाषण नहीं देने को लेकर कांग्रेस के भीतर मतभेद का मुद्दा उठाया है। हालांकि, राहुल और प्रियंका गांधी के बीच मतभेद होने या कांग्रेस में दो गुट बनने के भाजपा के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



