क्लीनिक में युवक के हाथ में फटा मोबाइल, आग की लपटें देख मची अफरा-तफरी; पास ही मौजूद थे नवजात बच्चे

ग्वालियर में मोबाइल की बैटरी में अचानक लगी आग, सीसीटीवी में कैद हुई घटना; मरीजों और बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
ग्वालियर ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश के ग्वालियर में एक आई केयर क्लीनिक के भीतर मोबाइल फोन में अचानक आग लगने और उसके फटने की घटना सामने आई है। युवक सोफे पर बैठकर मोबाइल चला रहा था, तभी उसके हाथ में ही फोन से आग की लपटें उठने लगीं। घबराए युवक ने मोबाइल को तुरंत सोफे से नीचे फेंक दिया, लेकिन कुछ ही पलों में आग फैलने लगी। घटना के समय क्लीनिक में मरीजों के साथ नवजात बच्चे भी मौजूद थे। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और कोई घायल नहीं हुआ। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हो रहा है।
मोबाइल में आग लगते ही क्लीनिक में मची भगदड़
जानकारी के अनुसार, युवक क्लीनिक के प्रतीक्षालय में सोफे पर बैठा मोबाइल चला रहा था। इसी दौरान अचानक फोन में विस्फोट जैसी घटना हुई और उसमें आग लग गई। युवक ने घबराकर मोबाइल नीचे फेंक दिया। आग की लपटें उठते ही वहां मौजूद मरीजों में अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि उसी समय एक महिला अपने नवजात बच्चे को लेकर बैठी थी और उसके साथ एक अन्य बच्चा भी मौजूद था। ऐसे में आग कुछ देर और फैलती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थिति को संभालने के लिए क्लीनिक का एक कर्मचारी बाल्टी में पानी लेकर पहुंचा और आग बुझाने का प्रयास किया। कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
आखिर मोबाइल की बैटरी में आग क्यों लगती है ?
मोबाइल फोन में सामान्यतः लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें किसी तकनीकी खराबी, बैटरी को नुकसान पहुंचने या अत्यधिक गर्मी के कारण खतरनाक स्थिति बन सकती है। इसे तकनीकी भाषा में ‘थर्मल रनअवे’ कहा जाता है। इस प्रक्रिया में बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ता है और उससे धुआं, आग या विस्फोट जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
मोबाइल की बैटरी में आग लगने के प्रमुख संभावित कारणों में शामिल हैं—
- खराब चार्जर का इस्तेमाल: घटिया गुणवत्ता वाले या अनुपयुक्त चार्जर से बैटरी को नुकसान पहुंच सकता है।
- पुरानी या खराब बैटरी: बैटरी का फूलना, उसकी क्षमता कम होना या अंदरूनी खराबी खतरे का संकेत हो सकती है।
- गिरने या दबने से नुकसान: मोबाइल पर तेज चोट लगने या दबाव पड़ने से बैटरी अंदर से क्षतिग्रस्त हो सकती है।
- अत्यधिक गर्मी: गर्म वातावरण में मोबाइल रखने या लगातार गर्म होने से बैटरी पर दबाव बढ़ सकता है।
- तकनीकी खराबी: बैटरी की निर्माण संबंधी गड़बड़ी या आंतरिक शॉर्ट सर्किट भी आग का कारण बन सकता है।
मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए बरतें ये सावधानियां
- मोबाइल के लिए कंपनी द्वारा सुझाए गए या प्रमाणित गुणवत्ता वाले चार्जर का इस्तेमाल करें।
- फोन असामान्य रूप से गर्म हो रहा हो या बैटरी फूल गई हो तो उसका इस्तेमाल और चार्जिंग बंद कर दें।
- चार्जिंग के दौरान मोबाइल को तकिए, बिस्तर या कंबल के नीचे न रखें।
- बैटरी बदलवाने के लिए अधिकृत सेवा केंद्र की मदद लें। स्वयं बैटरी खोलने या उसमें छेड़छाड़ करने से बचें।
- मोबाइल से धुआं निकलने, तेज गर्मी या असामान्य आवाज आने पर उसे हाथ में लेकर जांचने की कोशिश न करें। सुरक्षित दूरी बनाएं और दूसरों को भी दूर रखें।
ग्वालियर की यह घटना मोबाइल फोन की बैटरी से जुड़े संभावित खतरों के प्रति सतर्क रहने की जरूरत बताती है। हालांकि हर मोबाइल फोन में ऐसी आशंका नहीं होती, लेकिन खराब या क्षतिग्रस्त बैटरी और अनुचित चार्जिंग की अनदेखी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।



