जबलपुर में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा, मेघवाल और मुख्यमंत्री मोहन यादव होंगे शामिल

मध्यप्रदेश में पराली जलाने के 566 मामले आए सामने; धनतेरस पर गांवों में रजिस्ट्री अभियान, धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर संत समाज में नाराजगी
भोपाल ( शिखर दर्शन ) // मध्यप्रदेश में आज राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक गतिविधियां चर्चा में हैं। जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा आयोजित की जा रही है, जिसमें केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। वहीं, प्रदेश में पराली जलाने के बढ़ते मामलों, ग्रामीण संपत्तियों की रजिस्ट्री के विशेष अभियान और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की भगवान राम और कृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर भी विवाद सामने आया है।
जबलपुर में भाजपा की पदयात्रा, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री होंगे शामिल
जबलपुर में आज भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा आयोजित होगी। इसमें केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई नेता शामिल होंगे। कार्यक्रम शहीद स्मारक मैदान से संबंधित निर्धारित आयोजन स्थल पर आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वे सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक मंत्रालय में दो बैठकों में शामिल होंगे। दोपहर 12:30 बजे सिवनी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। इसके बाद दोपहर 2:55 बजे जबलपुर के लिए रवाना होंगे और शाम 4 बजे शहीद स्मारक मैदान पहुंचकर पदयात्रा में शामिल होंगे।
पराली जलाने के मामलों में मध्यप्रदेश देश के शीर्ष तीन राज्यों में
प्रदेश में धान की कटाई के बाद खेतों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब और राजस्थान के बाद मध्यप्रदेश में देश के सर्वाधिक पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए हैं। वर्ष 2025 की तुलना में इस बार घटनाओं में करीब 10 प्रतिशत वृद्धि बताई गई है।
आईसीएआर की क्रीम्स प्रयोगशाला के आंकड़ों के अनुसार, एक नवंबर तक पिछले 45 दिनों में प्रदेश में पराली जलाने की 566 घटनाएं दर्ज हुईं। इनमें सबसे अधिक 70 मामले श्योपुर में सामने आए। इसके अलावा गुना में 45, नर्मदापुरम में 41, दतिया में 38, सीहोर में 37 और उज्जैन में 33 घटनाएं दर्ज की गईं।
युवा वर्ष 2027 में एमएसएमई क्षेत्र के विस्तार की तैयारी
मध्यप्रदेश सरकार युवा वर्ष 2027 के मद्देनजर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम की तर्ज पर एमएसएमई क्षेत्र के लिए अलग कंपनी गठित करने की योजना है।
प्रस्तावित एमएसएमई आईडीसी के दायरे में 2.5 करोड़ से 500 करोड़ रुपये तक का निवेश करने वाली कंपनियां आएंगी। इस कंपनी के माध्यम से उद्योगों को सड़क, बिजली, पानी और भूमि जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए विशेष सलाहकारों का पैनल बनाया जाएगा और कंपनी में अलग प्रबंध संचालक नियुक्त होगा। प्रस्ताव को इसी महीने मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए प्रस्तुत करने तथा 30 नवंबर तक कंपनी का गठन करने की तैयारी है।
धनतेरस पर गांव-गांव चलेगा संपत्तियों की रजिस्ट्री का अभियान
मध्यप्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों की रजिस्ट्री का अभियान तेज किया जा रहा है। सरकार ने 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियों का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक 12 लाख 87 हजार 252 रजिस्ट्रियां पूरी होने की जानकारी दी गई है।
धनतेरस के अवसर पर छह नवंबर को गांवों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें मंत्री, सांसद और विधायक गांवों में पहुंचकर पात्र हितग्राहियों की रजिस्ट्री कराने में सहयोग करेंगे। सरकार का लक्ष्य अभियान के दौरान शत-प्रतिशत पात्र संपत्तियों की रजिस्ट्री सुनिश्चित करना है। पट्टे की रजिस्ट्री पर लगने वाला स्टांप शुल्क राज्य सरकार वहन करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में 50 लाख निजी संपत्तियों की निःशुल्क पक्की रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य भी रखा गया है।
भगवान राम और कृष्ण पर टिप्पणी से धीरेंद्र शास्त्री विवादों में
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की एक टिप्पणी को लेकर संत समाज में नाराजगी सामने आई है। शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान उन्होंने भगवान राम और श्रीकृष्ण के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा था कि उनके भगवान सीधे खड़े होते हैं, जबकि ठाकुर जी तीन जगह से टेढ़े होते हैं।
इस बयान पर स्वामी वैराग्यानंद गिरी उर्फ मिर्ची बाबा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की आलोचना करते हुए कहा कि उनका अंत आ गया है। इस टिप्पणी के बाद धार्मिक और संत समाज से जुड़े लोगों के बीच बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।



