अन्तर्राष्ट्रीय

बांग्लादेश में दुर्गा पूजा से पहले 34 घटनाएं दर्ज, हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ और हमलों पर चिंता

पूजा उद्यापन परिषद ने सालभर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग उठाई, मंदिरों की निगरानी के लिए जारी किए 22 दिशा-निर्देश

बांग्लादेश में दुर्गा पूजा उत्सव से पहले हिंदू मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर कथित हमलों तथा मूर्तियों में तोड़फोड़ की घटनाओं को लेकर चिंता जताई गई है। बांग्लादेश पूजा उद्यापन परिषद के अनुसार, दुर्गा पूजा से कुछ दिन पहले तक ऐसी कम से कम 34 घटनाएं सामने आईं। परिषद ने धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ढाका //

कई जिलों में तोड़फोड़ और हमलों की शिकायत

परिषद से जुड़े संतोष शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सिलहट, राजबाड़ी, पंचगढ़, नेत्रकोणा और तंगैल सहित कई जिलों में मंदिरों पर हमलों और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आई हैं।

परिषद ने सुनामगंज में हिंदू परिवारों के घरों, दुकानों और मंदिरों को निशाना बनाए जाने तथा लूटपाट की शिकायतें भी सामने रखीं। संगठन ने फरीदपुर के एक काली मंदिर में चोरी और नौगांव में हुई डकैती का भी उल्लेख किया। नौगांव की घटना में हमलावरों पर खुफिया एजेंसी के अधिकारियों का रूप धारण करने का आरोप लगाया गया है।

परिषद ने कहा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा केवल दुर्गा पूजा के पांच दिनों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे वर्ष सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मंदिरों की सुरक्षा के लिए 22 दिशा-निर्देश

दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए परिषद ने अपनी जिला और उपजिला इकाइयों को 22 दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • मंदिरों में चौबीसों घंटे स्वयंसेवकों की तैनाती।
  • जहां संभव हो, वहां सीसीटीवी कैमरे लगाना।
  • पर्याप्त रोशनी और अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देना।

संगठन का कहना है कि इन उपायों से पूजा स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

अल्पसंख्यक संरक्षण कानून और आयोग बनाने की मांग

परिषद ने धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए अपनी आठ सूत्रीय मांगें दोहराईं। इनमें अल्पसंख्यक संरक्षण कानून बनाने, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग गठित करने और दुर्गा पूजा के अवसर पर तीन दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित करने की मांग शामिल है।

संगठन ने हिंदू कल्याण ट्रस्ट के लिए आवंटित राशि में एक करोड़ टका की बढ़ोतरी का स्वागत किया। साथ ही, ट्रस्ट को फाउंडेशन में बदलने की मांग भी दोहराई। परिषद ने धार्मिक स्थलों और अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा देने की अपील की।

21 अक्टूबर को विजयादशमी

बांग्लादेश में वार्षिक दुर्गा पूजा उत्सव की शुरुआत पंचमी पर ‘बोधन’ के साथ हुई। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 21 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी और इसी दिन देवी दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी होगा।

परिषद ने पूजा उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ-साथ धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और सुरक्षा को पूरे वर्ष प्राथमिकता देने की मांग की है।

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