12 घंटे हिरासत में रहने के बाद AISA अध्यक्ष नेहा बोरा रिहा, CJP संस्थापक अभिजीत दिपके की आज कोर्ट में पेशी

दिल्ली में तिरंगा मार्च के दौरान हुई कार्रवाई, शांति भंग करने के आरोप में नए मामले के तहत गिरफ्तार किए गए दिपके
दिल्ली में तिरंगा मार्च को लेकर हुए घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को करीब 12 घंटे हिरासत में रखने के बाद रिहा कर दिया है। वहीं, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को नए मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन्हें शनिवार को नई दिल्ली स्थित एसईएम (SEM) कोर्ट में पेश किया जाएगा।
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) //
12 घंटे बाद आरके पुरम थाने से रिहा हुईं नेहा बोरा
नेहा बोरा को शुक्रवार, 16 अक्टूबर की शाम मंडी हाउस से जंतर-मंतर की ओर निकाले जा रहे तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, उन्हें निवारक प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया था।
AISA के सदस्यों ने दावा किया था कि हिरासत में लिए जाने के बाद नेहा को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। बाद में पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें शनिवार तड़के आरके पुरम थाने से रिहा कर दिया गया।
अभिजीत दिपके पर नया मामला दर्ज
दूसरी ओर, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को शांति भंग करने की आशंका से जुड़े नए मामले में गिरफ्तार किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई है।
दिपके को शनिवार को नई दिल्ली की एसईएम अदालत में पेश किया जाना है। इसके बाद अदालत संबंधित कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे का निर्णय लेगी।
CJP ने हिरासत की कार्रवाई पर उठाए सवाल
अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी के बाद CJP ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। संगठन ने कहा कि युवा भी देश के समान अधिकार वाले नागरिक हैं और संविधान के तहत मिलने वाले संरक्षण एवं अधिकारों के हकदार हैं।
तिरंगा मार्च के दौरान हुई हिरासत और उसके बाद की पुलिस कार्रवाई को लेकर मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। आगे की स्थिति अभिजीत दिपके की अदालत में पेशी और संबंधित कानूनी कार्यवाही पर निर्भर करेगी।



