SIR पर बीजेपी का देशव्यापी अभियान, विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार की 24 पन्नों की फैक्टशीट

सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को बूथ स्तर तक जनसंपर्क की जिम्मेदारी देने की तैयारी; सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भी जनता तक पहुंचाएगी पार्टी अपना पक्ष
नई दिल्ली ( शिखर दर्शन ) //
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देश में जारी राजनीतिक विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए देशव्यापी अभियान की तैयारी की है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि SIR के जरिए मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इन आरोपों के बीच बीजेपी जनसंपर्क अभियान के जरिए जनता तक अपना पक्ष और संबंधित तथ्य पहुंचाने की रणनीति बना रही है।
24 पन्नों की फैक्टशीट से देगी विपक्ष को जवाब
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने SIR और चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों के जवाब देने के लिए 24 पन्नों की फैक्टशीट तैयार कराई है। इसमें विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का पक्ष और तथ्य शामिल किए जाएंगे।
इस दस्तावेज में मतदाता सूची से कथित तौर पर 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आरोप, फॉर्म-6 और उससे जुड़े घोषणा-पत्र तथा ECINET को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने की तैयारी है। पार्टी का उद्देश्य है कि अभियान के दौरान आम लोगों तक इन मुद्दों से जुड़ी जानकारी पहुंचाई जा सके।
सांसदों और विधायकों को मिलेगी जिम्मेदारी
बीजेपी की योजना इस अभियान को देशभर में व्यापक स्तर पर चलाने की है। इसके लिए सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को उनके संबंधित क्षेत्रों में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
पार्टी के नेता बूथ स्तर तक जनसंपर्क कर लोगों को SIR की प्रक्रिया और उससे जुड़े विवादों पर बीजेपी का पक्ष बताएंगे। अभियान के जरिए पार्टी विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के साथ मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर जनता के बीच अपनी बात रखने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस शासनकाल के मुद्दे भी उठाएगी बीजेपी
अभियान के दौरान बीजेपी कांग्रेस के शासनकाल में चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं की भूमिका को लेकर उठे विवादों का भी जिक्र कर सकती है। पार्टी की रणनीति विपक्ष के मौजूदा आरोपों का जवाब देने के साथ उसके पुराने कार्यकाल से जुड़े मामलों को सामने रखने की है।
इस तरह बीजेपी SIR के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस को व्यापक रूप देने और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के आरोपों का जवाब देने की तैयारी कर रही है।
सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस से भी होगा प्रचार
जमीनी स्तर पर जनसंपर्क के अलावा बीजेपी सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए भी अभियान चलाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मंत्री अलग-अलग स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SIR तथा चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर अपना पक्ष रख सकते हैं।
पार्टी की कोशिश है कि एक ओर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया जाए, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं की भूमिका को लेकर कांग्रेस पर भी सवाल उठाए जाएं।
असम में भी जन जागरण अभियान
SIR को लेकर राजनीतिक गतिविधियों के बीच असम में बीजेपी ने INDIA गठबंधन के खिलाफ जन जागरण जुलूस शुरू करने की जानकारी दी है। पार्टी के अनुसार, राज्यभर में चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य कांग्रेस के SIR विरोधी रुख के खिलाफ जनमत तैयार करना है।
बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध कर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है। वहीं, विपक्ष SIR की प्रक्रिया और उसके संभावित प्रभावों पर सवाल उठा रहा है।
SIR पर जारी यह विवाद अब चुनावी प्रक्रिया से आगे बढ़कर राजनीतिक जनसंपर्क और आरोप-प्रत्यारोप की लड़ाई का रूप लेता दिख रहा है। बीजेपी अपने प्रस्तावित अभियान के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब जनता तक पहुंचाने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची में बदलावों को लेकर सवाल उठा रहा है।



