नशे में स्कूल पहुंचे शिक्षक का वीडियो वायरल, 10 महीने से वेतन नहीं मिलने का दावा; PM मोदी पर लगाए आरोप
वायरल वीडियो में खुद को प्रधान पाठक बताने वाला शख्स, स्कूल में मौजूद दूसरे व्यक्ति की पहचान को लेकर भी उठे सवाल

बिलासपुर ( शिखर दर्शन ) // शासकीय स्कूल में एक शिक्षक के कथित तौर पर शराब के नशे में पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में शख्स 10 महीने से वेतन नहीं मिलने का दावा करते हुए इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहरा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पूरे मामले की वास्तविकता विभागीय जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
मामला कोटा क्षेत्र के बहेरामुड़ा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति कथित तौर पर शराब के नशे में नजर आ रहा है। वह अपने वेतन से जुड़े मुद्दे को लेकर बातचीत करते हुए 10 महीने से तनख्वाह नहीं मिलने का दावा करता दिखाई दे रहा है।
वीडियो में PM मोदी के खिलाफ टिप्पणी का आरोप
वायरल वीडियो में शख्स वेतन नहीं मिलने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करता भी नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में शिक्षक के इस तरह नशे की हालत में पहुंचने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
प्रधान पाठक कौन, पहचान को लेकर असमंजस
मामले में सबसे अहम सवाल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान को लेकर है। वीडियो में नशे में दिखाई देने वाला शख्स खुद को स्कूल का प्रधान पाठक बता रहा है। वहीं, उसी स्थान पर मौजूद दूसरे व्यक्ति बाद में अपना परिचय स्कूल के प्रधान पाठक प्रदीप कुमार पेंद्रो के रूप में देते दिखाई देते हैं।
इस वजह से वायरल वीडियो में मौजूद व्यक्ति वास्तव में स्कूल का शिक्षक या प्रधान पाठक है या नहीं, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
सिर्फ दो शिक्षकों के भरोसे स्कूल संचालन का दावा
बहेरामुड़ा स्कूल में कथित तौर पर महज दो शिक्षकों के भरोसे स्कूल का संचालन होने की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में स्कूल में शिक्षकों की उपस्थिति, पदस्थापना और विभागीय निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल वायरल वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षक की पहचान, 10 महीने से वेतन नहीं मिलने के दावे और स्कूल की वास्तविक स्थिति की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में शिक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने आने का इंतजार है।


