फ्लाईदुबई के को-पायलट की पहचान सामने आई, ओमान में पहले उड़ान से रोका गया था; कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित था ,अब आतंकी एंगल की जांच

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान सामने आ गई है। रिपोर्टों के मुताबिक उसका नाम हमाम अल-हम्मामी है और वह ओमान का नागरिक है। 30 सितंबर को हुई इस घटना के बाद वह संयुक्त अरब अमीरात की हिरासत में है और मामले की आतंकवाद से जुड़े पहलुओं पर जांच की जा रही है।
ओमान में उड़ान से जुड़ी भूमिका से हटाया गया था
जांच से जुड़े सूत्रों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमाम अल-हम्मामी पहले ओमान एयर से जुड़ा था। वहां प्रशिक्षण के दौरान उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक उसे उड़ान प्रशिक्षण की भूमिका से हटाकर अन्य जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि अलग-अलग रिपोर्टों में इस घटनाक्रम के समय को लेकर अंतर है।
इसके बाद फ्लाईदुबई से जुड़ा
रिपोर्टों के मुताबिक अल-हम्मामी ने बाद में फ्लाईदुबई में को-पायलट के तौर पर काम शुरू किया था। उपलब्ध रिपोर्टों में उसके फ्लाईदुबई से जुड़ने की अवधि करीब आठ महीने बताई गई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पूर्व में सामने आई सुरक्षा चिंताओं के बावजूद उसे वाणिज्यिक उड़ान के लिए किस प्रक्रिया के तहत मंजूरी मिली।
विमान को इजरायल में गिराने की कोशिश का आरोप
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान को-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। विमान अचानक तेजी से नीचे आया, जिसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया। विमान में 174 यात्री सवार थे।
जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि को-पायलट ने विमान को इजरायल में दुर्घटनाग्रस्त करने का इरादा बताया था। हालांकि जांच अभी जारी है और उसके हमले के पीछे वास्तविक मकसद तथा किसी संगठन से संभावित संबंधों की पुष्टि होना बाकी है।
नेतन्याहू ने भी ओमानी नागरिक होने की पुष्टि की थी
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना के बाद कहा था कि हमले में शामिल व्यक्ति ओमान का नागरिक था। उन्होंने उसके कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित होने की बात कही थी, लेकिन साथ ही यह भी कहा था कि उसके ईरान से किसी संबंध के बारे में निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी।
फिलहाल जांच एजेंसियां अल-हम्मामी के पूर्व रिकॉर्ड, उसके ऑनलाइन गतिविधियों, पिछली नौकरी और विमान में हमले के दौरान उसके इरादों की पड़ताल कर रही हैं।



