सोने-चांदी की तौल में गड़बड़ी का शक, इंदौर के डीपी ज्वेलर्स का कांटा जब्त; सील गायब मिलने पर नोटिस

इंदौर ( शिखर दर्शन ) // ग्राहक की शिकायत के बाद नाप-तौल विभाग ने शहर के डीपी ज्वेलर्स में तौल उपकरण की जांच की। जांच के दौरान विभागीय अधिकारियों को कांटे पर वैध सील और मुहर नहीं मिली। इसके अलावा तौल कांटे का प्रमाण-पत्र भी मौके पर प्रदर्शित नहीं किया गया था। जांच में कांटे का निचला पाया टूटा हुआ मिलने के बाद विभाग ने उसे जब्त कर लिया।
जांच में कई खामियां मिलीं
नाप-तौल विभाग की टीम ने शिकायत के आधार पर ज्वेलर्स के तौल उपकरण का निरीक्षण किया। इस दौरान कांटे पर विभागीय सत्यापन की सील मौजूद नहीं थी। वहीं, कांटे का प्रमाण-पत्र भी मौके पर प्रदर्शित नहीं मिला। जांच अधिकारियों ने उपकरण की तकनीकी स्थिति और उससे संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल की।
टूटा मिला कांटे का निचला हिस्सा
जांच के दौरान तौल कांटे का नीचे का पाया भी टूटा हुआ मिला। ऐसे में विभाग ने वजन में संभावित अंतर की आशंका को देखते हुए संबंधित कांटे को अपने कब्जे में ले लिया। अब यह जांच की जा रही है कि उपकरण में किसी तरह की गड़बड़ी के कारण तौल में अंतर तो नहीं आ रहा था।
विभागीय सील हटाने का भी आरोप
नाप-तौल विभाग के अनुसार, ज्वेलर्स के तौल कांटों का पहले सत्यापन किया गया था और सत्यापन के बाद विभागीय सील लगाई गई थी। मौजूदा जांच में सील नहीं मिलने पर विभाग ने सील हटाए जाने की आशंका जताई है। हालांकि इस संबंध में अंतिम स्थिति जांच और ज्वेलर्स के जवाब के बाद ही स्पष्ट होगी।
डीपी ज्वेलर्स को कारण बताओ नोटिस
मामले में नाप-तौल विभाग ने डीपी ज्वेलर्स को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। ज्वेलर्स से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि कांटे पर लगी विभागीय सील क्यों नहीं मिली और तौल उपकरण का निचला हिस्सा किस परिस्थिति में टूटा।
जवाब और जांच रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल तौल कांटा विभाग के कब्जे में है। अधिकारियों की जांच का एक प्रमुख बिंदु यह भी रहेगा कि इस उपकरण से ग्राहकों को सामान तौलते समय वास्तव में कितना अंतर हुआ था। ज्वेलर्स का जवाब और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। नियमों का उल्लंघन साबित होने पर नियमानुसार जुर्माना अथवा न्यायालयीन कार्रवाई की जा सकती है।



