साइबर पुलिस का कमाल, तीन महीने में खोज निकाले 150 गुम मोबाइल; 37.50 लाख की संपत्ति मालिकों को लौटाई

रायगढ़ ( शिखर दर्शन ) // रायगढ़ पुलिस ने तकनीक आधारित पुलिसिंग के जरिए गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर पुलिस ने पिछले तीन महीनों में अलग-अलग स्थानों से गुम और चोरी हुए 150 मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 37 लाख 50 हजार रुपये से अधिक है। बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे गए।
मोबाइल वापस मिलने पर कई लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई। लंबे समय से फोन मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों ने पुलिस और साइबर टीम का आभार जताया।
CEIR से मिली मोबाइल तलाशने में मदद
रायगढ़ साइबर पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल की तलाश के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के CEIR पोर्टल का इस्तेमाल किया। शिकायत मिलने के बाद मोबाइल के आईएमईआई नंबर को सिस्टम में दर्ज कर उसे ब्लॉक किया जाता है।
इसके बाद यदि कोई व्यक्ति उस मोबाइल में दूसरी सिम डालकर उसका इस्तेमाल करता है तो नेटवर्क से मिलने वाली तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस उसकी गतिविधि को ट्रेस करती है। इसी तकनीकी प्रक्रिया के जरिए पुलिस ने कई मोबाइल की पहचान कर उन्हें बरामद किया।
कई राज्यों और जिलों तक पहुंची पुलिस की तकनीकी टीम
साइबर डीएसपी शिखर मरावी के पर्यवेक्षण और साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक के नेतृत्व में टीम ने लगातार कार्रवाई की। इस दौरान रायगढ़ के अलावा बिहार, कोलकाता, कोरबा और जांजगीर सहित धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया क्षेत्रों में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल को ट्रेस किया गया।
सत्यापन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी 150 मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए।
इन कंपनियों के मोबाइल भी बरामद
बरामद मोबाइल में वीवो, ओप्पो, रेडमी, पोको, रियलमी, वनप्लस, सैमसंग और मोटोरोला सहित विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। इन सभी मोबाइल की अनुमानित कीमत 37.50 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
एसएसपी बोले- मोबाइल में सिर्फ नंबर नहीं, आपकी पूरी डिजिटल दुनिया होती है
मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि आज मोबाइल फोन केवल बातचीत का साधन नहीं है। इसमें बैंकिंग जानकारी, यूपीआई, महत्वपूर्ण दस्तावेज, निजी तस्वीरें, संपर्क नंबर और सामाजिक माध्यमों से जुड़े खाते जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां रहती हैं। ऐसे में मोबाइल का गुम होना आर्थिक नुकसान के साथ-साथ डिजिटल सुरक्षा का भी गंभीर विषय है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि रास्ते में किसी दूसरे व्यक्ति का मोबाइल मिलने पर उसका इस्तेमाल न करें, बल्कि उसे नजदीकी थाने या साइबर थाने में जमा कराएं। गुम या चोरी हुए मोबाइल का अनधिकृत इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
मोबाइल गुम हो तो तुरंत उठाएं ये कदम
पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर आईएमईआई नंबर दर्ज कर मोबाइल को ब्लॉक और ट्रेस कराने की प्रक्रिया शुरू करें।
यदि मोबाइल में बैंकिंग, यूपीआई, ई-मेल या सामाजिक माध्यमों के खाते जुड़े हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए तत्काल पासवर्ड बदलने और जरूरी सुरक्षा उपाय करने की भी सलाह दी गई है।
रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई बताती है कि तकनीक के सही इस्तेमाल से गुम हुई संपत्ति को वापस पाने में पुलिस को काफी मदद मिल सकती है। साइबर टीम की इस सफलता से न केवल 150 लोगों को उनके मोबाइल वापस मिले, बल्कि तकनीक आधारित पुलिसिंग के प्रति लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।



